नई दिल्ली। यदि आप खाने में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल करते हैं या इसे पूरी तरह हेल्दी मानकर जरूरत से ज्यादा सेवन कर रहे है, तो सावधान हो जाइए। मुख्य रूप से सेंधा नमक भी सोडियम क्लोराइड ही होता है। इसलिए इसकी अधिक मात्रा शरीर में सोडियम का स्तर बढ़ा सकती है। अत्यधिक सोडियम के कारण पेशाब के रास्ते कैल्शियम का नुकसान बढ़ सकता है।
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एक रिसर्च में खासतौर पर पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं पर किए गए एक भारतीय अध्ययन में अधिक नमक खाने वाली महिलाओं में यूरिन के जरिए कैल्शियम का उत्सर्जन ज्यादा और बोन मिनरल डेंसिटी कम पाई गई। इस समूह में ऑस्टियोपोरोसिस और वर्टिब्रल फ्रैक्चर की समस्या भी अधिक देखी गई।
इसका मतलब यह नहीं है कि सेंधा नमक खाते ही हड्डियां कमजोर हो जाएंगी। समस्या मुख्य रूप से अधिक सोडियम के सेवन से ही हो सकती है। वैज्ञानिक प्रमाणों में नमक और हड्डियों के संबंध को लेकर कुछ सीमाएं और मतभेद भी हैं, इसलिए इसे सीधे तौर पर ऑस्टियोपोरोसिस का अकेला कारण बताना ठीक नहीं होगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि रोजाना कुल नमक का सेवन बहुत सीमित रखा जाए। आपको बता दें कि भारतीय ऑस्टियोपोरोसिस गाइडलाइन में भी नमक को सीमित करने और लगभग 5 ग्राम प्रतिदिन से अधिक न लेने की सलाह दी गई है।
इसलिए सेंधा नमक को “हेल्दी नमक” समझकर ज्यादा मात्रा में खाने की गलती न करें। नमक चाहे सेंधा हो या सामान्य, मात्रा पर नियंत्रण बहुत ही जरूरी है। इसके अलावा पर्याप्त कैल्शियम, विटामिन-D, प्रोटीन, शारीरिक गतिविधि और संतुलित आहार हड्डियों की सेहत के लिए ज्यादा अहम हैं।