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WPI Index July 2026: महंगाई का डबल अटैक, थोक बाजार में थोड़ी नरमी, पर खुदरा महंगाई ने बढ़ाई चिंता

By Sushil Sah 
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नई दिल्ली। देश में आज यानी शुक्रवार को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी थोक महंगाई के मोर्चे पर आम जनता और नीति निर्माताओं के लिए थोड़ी सी राहत भरी खबर सामने आई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2026 में भारत की थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index) आधारित महंगाई दर मामूली रूप से घटकर 9.78 प्रतिशत पर आ गई है। हांलाकि इससे पिछले महीने यानी जून में यह आंकड़ा 44 महीनों के उच्चतम स्तर 9.87 प्रतिशत पर दर्ज किया गया था। हालांकि, कुल दर में गिरावट के बावजूद खाद्य पदार्थों और विनिर्मित (Manufactured) उत्पादों की आसमान छूती कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।

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जुलाई 2026 के ताजा आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, देश की कुल थोक महंगाई जून के 9.87 प्रतिशत से मामूली रूप से घटकर 9.78 प्रतिशत पर आ गई है, जिसमें सबसे बड़ी राहत फ्यूल एंड पावर क्षेत्र में मिली है जिसकी दर जून के 27.41 प्रतिशत से भारी गिरावट के साथ 20.05 प्रतिशत पर सिमट गई। हालांकि, इसके विपरीत प्राइमरी आर्टिकल्स में तेज उछाल देखा गया और यह जून के 7.00 प्रतिशत से बढ़कर 8.52 प्रतिशत पर पहुंच गए, जबकि मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स की महंगाई दर भी जून के 7.48 प्रतिशत से बढ़कर 8.29 प्रतिशत दर्ज की गई। थोक बाजार के इस मिले-जुले रुख के बीच आम जनता पर बोझ बढ़ाते हुए जुलाई महीने में देश की खुदरा महंगाई दर भी जून के 4.38 प्रतिशत से बढ़कर 4.45 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

ईंधन और ऊर्जा ने दी बड़ी राहत, परिवहन लागत में कमी

जुलाई महीने के आंकड़ों में सबसे सकारात्मक बदलाव ऊर्जा और ईंधन के मोर्चे पर देखने को मिला। वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव और घरेलू स्तर पर तालमेल के चलते ईंधन और बिजली सेगमेंट की महंगाई दर जून के 27.41 प्रतिशत से भारी गिरावट के साथ 20.05 प्रतिशत हो गई है। खनिज तेलों और पेट्रोलियम उत्पादों की थोक कीमतों में आई इस नरमी से माल ढुलाई और परिवहन लागत का दबाव कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है।

क्यों महंगी हुई खाने की थाली?

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भले ही मुख्य सूचकांक में मामूली गिरावट आई हो, लेकिन आम उपभोक्ताओं को इससे कोई खास तरह की राहत नहीं मिली है क्योंकि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है। असमान दक्षिण-पश्चिम मानसून और कुछ प्रमुख उत्पादक राज्यों में खराब मौसम के चलते सब्जियों और अन्य जल्दी खराब होने वाले सामानों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। थोक खाद्य सूचकांक जून के 6.14 प्रतिशत से बढ़कर 6.65 प्रतिशत पर पहुंच गया है। जिसके कारण खुदरा बाजारों में भी कीमतें लगातार मजबूत हो रही हैं। इसके अतिरिक्त, कारखानों में तैयार होने वाले निर्मित खाद्य उत्पादों की महंगाई भी जून के 7.2 प्रतिशत से बढ़कर 8.89 प्रतिशत हो गई है।

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