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स्कूलों के पास नहीं बेच सकते चिप्स-बिस्किट? FSSAI ने तय किए नमक-चीनी-फैट के मानक

स्कूल जाने वाले बच्चों के खाने को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया है। अब किसी खाद्य पदार्थ को सिर्फ उसके नाम से नहीं, बल्कि उसमें मौजूद अतिरिक्त नमक, चीनी और फैट की मात्रा के आधार पर हाई श्रेणी में रखा जाएगा...

By Harsh 
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नई दिल्ली।  स्कूल जाने वाले बच्चों के खाने को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया है। अब किसी खाद्य पदार्थ को सिर्फ उसके नाम से नहीं, बल्कि उसमें मौजूद अतिरिक्त नमक, चीनी और फैट की मात्रा के आधार पर हाई श्रेणी में रखा जाएगा।

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FSSAI ने अगस्त 2026 में इसके लिए नए नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है। इसमें पहली बार यह स्पष्ट करने की कोशिश की गई है कि स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले या स्कूल परिसर के आसपास बिकने वाले खाद्य पदार्थों में कितनी मात्रा को ज्यादा माना जाएगा।

किस मात्रा पर खाना हाई माना जाएगा?

प्रस्ताव के मुताबिक ठोस खाद्य पदार्थ में 100 ग्राम पर 4.2 ग्राम से ज्यादा अतिरिक्त फैट होने पर उसे हाई फैट माना जाएगा। इसी तरह 100 ग्राम में 3 ग्राम से ज्यादा अतिरिक्त चीनी होने पर वह हाई शुगर श्रेणी में आएगा।

नमक के लिए भी सीमा तय की गई है। 100 ग्राम ठोस खाद्य पदार्थ में 0.625 ग्राम से ज्यादा नमक होने पर उसे हाई साल्ट माना जाएगा। तरल पदार्थों के लिए इन सीमाओं को अलग रखा गया है। ये मानक ICMR की 2024 की Dietary Guidelines के आधार पर प्रस्तावित किए गए हैं।

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2020 से लागू है स्कूलों के आसपास रोक

दरअसल, स्कूलों में बच्चों को ज्यादा फैट, नमक और चीनी वाले खाद्य पदार्थों से दूर रखने के लिए 2020 के नियमों में प्रावधान किया गया था। स्कूल कैंटीन, मेस, हॉस्टल की रसोई और स्कूल परिसर के 50 मीटर के दायरे में ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक का प्रावधान है। स्कूलों के आसपास ऐसे उत्पादों के प्रचार को लेकर भी नियम बनाए गए हैं।

हालांकि, चिप्स, बिस्किट, नमकीन या कोल्ड ड्रिंक जैसे हर उत्पाद पर अपने-आप प्रतिबंध लगने की बात इस ड्राफ्ट में नहीं है। असली सवाल यह होगा कि संबंधित उत्पाद तय की गई पोषण सीमा से ऊपर है या नहीं।
अभी ये बदलाव प्रस्ताव के स्तर पर हैं। FSSAI ने लोगों और संबंधित पक्षों से 9 अक्टूबर 2026 तक आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। इसके बाद प्रक्रिया पूरी होने पर ही अंतिम नियम लागू किए जाएंगे।

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