नई दिल्ली, पर्दाफाश। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को पॉलिटिकल कंसल्टेंट कंपनी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद स्थित कंपनी के दफ्तरों पर की गई। अधिकारियों के अनुसार, यह छापेमारी कथित कोयला चोरी और घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की जा रही है। इस मामले में कंपनी के सह-संस्थापक और निदेशक ऋषि राज सिंह के ठिकाने भी जांच के दायरे में हैं।
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ईडी के मुताबिक, आई-पैक और उसके निदेशकों पर करोड़ों रुपये के कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। यह मामला करीब 2,742 करोड़ रुपये से जुड़ा बताया जा रहा है। इस संबंध में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 27 नवंबर 2020 को एफआईआर दर्ज की थी। इससे पहले जनवरी में भी ईडी ने कोलकाता में आई-पैक के दफ्तर और निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की थी। हाल ही में ईडी ने ऋषि राज सिंह और प्रतीक जैन को पूछताछ के लिए समन जारी किए थे। दोनों ने इन समनों को रद्द कराने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था।
जनवरी की कार्रवाई के दौरान ईडी की टीम ने सुबह करीब 6 बजे कोलकाता में छापेमारी शुरू की थी। बाद में इस मामले ने तूल पकड़ लिया, जब कोलकाता पुलिस आयुक्त मौके पर पहुंचे और कुछ समय बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी वहां पहुंचीं। बताया गया कि वह कुछ देर तक वहां रहीं और बाद में आई-पैक के कार्यालय भी गईं।
क्या है I-PAC?
आई-पैक (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) एक राजनीतिक परामर्श देने वाली संस्था है, जो चुनावी रणनीति, डेटा आधारित प्रचार, मीडिया योजना और मतदाता संपर्क जैसे कार्यों में राजनीतिक दलों की मदद करती है। इस संस्था की शुरुआत वर्ष 2013 में प्रशांत किशोर और उनकी टीम ने ‘सिटिज़न्स फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस’ (CAG) के रूप में की थी, जिसे बाद में आई-पैक नाम दिया गया। वर्तमान में इसकी कमान मुख्य रूप से प्रतीक जैन के पास है। आई-पैक वर्ष 2021 से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साथ जुड़ी हुई है और पार्टी के चुनावी प्रबंधन में अहम भूमिका निभाती रही है। फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।