Electric Vehicle Policy : सरकार की नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति में कुछ मुख्य शर्तों की पेशकश की गई है, जो टेस्ला को चीन के मुकाबले (शांघाई में संयंत्र की स्थापना) ज्यादा उदार नजर आ रही हैं। कंपनी ने शांघाई में वर्ष 2019 में अपना संयंत्र स्थापित किया था। नई नीति के तहत भारत ने तीन साल में 25 प्रतिशत घरेलू मूल्य वर्द्धन (डीवीए) तक पहुंचने और पांच साल में (स्वीकृति पत्र जारी होने की तारीख से) 50 प्रतिशत डीवीए तक पहुंचने की स्थानीयकरण अवधि की पेशकश की है।
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दूसरी तरफ चीन के संयंत्र में इस्तेमाल होने वाले 95 प्रतिशत कलपुर्जी को स्थानीय रूप से खरीदा जाता है, जिससे वहां बड़ी तादाद में चीनी कलपुर्जा आपूर्ति आधार तैयार हो रहा है। जब कंपनी ने वर्ष 2019 में वहां अपने संयंत्र की शुरुआत की थी तो करीब एक तिहाई कलपुर्जे चीन के होते थे।
टेस्ला ने लीथियम आयन बैटरियां मुहैया कराने के लिए पैनासॉनिक के साथ समझौता किया है, लेकिन चीन में उसने अपने ज्यादातर कलपुजों के लिए चीनी बैटरी निर्माता सीएटीएल से भागीदारी की थी। उसका वर्ष 2025 तक सीएटीएल के साथ अनुबंध है। सीएटीएल दुनिया की सबसे बड़ी बैटरी निर्माता है।