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$ex-Stamina बढ़ाने वाली दवाएं बेचने के नाम ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, बदनामी की धमकी देकर वसूलते थे पैसे

By santosh singh 
Updated Date

राजकोट। गुजरात के राजकोट शहर (Rajkot City) में सेक्स स्टैमिना बढ़ाने वाली दवाएं (Sex-Stamina-Enhancing Drugs) बेचने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। डॉक्टर बनकर बैठे ठग ऑनलाइन संपर्क के जरिए ग्राहकों को फंसाते थे। इसके बाद उन्हें अश्लील सामग्री (Obscene Material) भेजकर दवाएं खरीदने के लिए मजबूर करते और इनकार करने पर परिवार के सामने बदनाम करने की धमकी देकर पैसे वसूलते थे। इस मामले में 2 हजार लोगों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है, जिसकी पुष्टि के लिए जांच जारी है।

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राजकोट ग्रामीण की भायावदर पुलिस (Bhayavadar Police) ने 22 अक्टूबर को शहर में तीन अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर तीन अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पांच अन्य की तलाश जारी है। पुलिस ने कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन समेत कुल 5 लाख 16 हजार 700 रुपये का सामान जब्त किया है।

आरोपियों ने बिना लाइसेंस और वैध दस्तावेजों के अपने कार्यालय खोल रखे थे। वे कंप्यूटर, इंटरनेट और मोबाइल फोन के जरिए लोगों से संपर्क करते थे। सेक्स स्टैमिना बढ़ाने वाले आयुर्वेदिक उत्पादों और विटामिन बी12 की दवाओं की बिक्री के नाम पर खुद को डॉक्टर बताते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी नामों का इस्तेमाल कर ग्राहकों का भरोसा जीतते थे और फिर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे।

अश्लील सामग्री भेजकर, परिवार को बताने की देते थे धमकी

पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपियों के काम करने का तरीका सामने आया है। मुख्य आरोपी खोडीदास मकड़िया ने अपने घर में कंप्यूटर लैब बना रखी थी। वह बिना वैध लाइसेंस के लोगों को काम पर रखकर सेक्स स्टैमिना और बी12 की दवाएं बेचने के नाम पर फर्जी डॉक्टर के तौर पर काम करता था। गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया के जरिए लोगों से संपर्क करते और उन्हें ‘bedroomboss’ वेबसाइट के माध्यम से अश्लील सामग्री भेजते थे। इसके बाद ग्राहकों को उत्पाद खरीदने के लिए उकसाया जाता था। अगर कोई व्यक्ति दवा से फायदा नहीं होने की बात कहता या खरीदने से इनकार करता, तो आरोपी उसे अश्लील सामग्री देखने की बात परिवार वालों को बताने की धमकी देते थे।

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कुछ मामलों में पुलिस में शिकायत करके आजीवन जेल भिजवाने का डर दिखाया जाता था। आरोप है कि इस तरह लोगों पर दबाव बनाकर बिना दवा दिए भी उनके खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। दूसरे कॉल सेंटर का संचालन अहमद रजा मुल्तानी करता था। वह अपने साथियों के साथ नकली डॉक्टर बनकर सेक्स स्टैमिना (Sex-Stamina) बढ़ाने वाले आयुर्वेदिक उत्पाद बेचने के बहाने लोगों को फंसाता था। यदि कोई ग्राहक ऑर्डर की पुष्टि के बाद उसे रद्द करने की कोशिश करता, तो आरोपी व्हाट्सएप के जरिए कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर उससे जबरन पैसे वसूलते थे।

गिरोह में ‘न्यूरो शक्ति प्लस’ के नाम पर धोखाधड़ी

तीसरे गिरोह का संचालक हार्दिक खामभला बताया गया है। वह अपने साथियों के साथ मिलकर ‘न्यूरो शक्ति प्लस’ (Neuro Shakti Plus) नामक दवा बेचने के बहाने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर लोगों से ठगी करता था। पुलिस की छापेमारी से पहले ही इस गिरोह के आरोपी फरार हो गए। उन्हें वांछित घोषित किया गया है और उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में खोडीदास मकड़िया, कौशिक वाला, मीत बेडवा, चेतन राठौड़, अहमद रजा मुल्तानी, राजेश परमार, मनवीर खामभला, अहमद रजा उर्फ बापू कादरी, नासिर लाखा और झील खानिया को गिरफ्तार किया है। वहीं, हार्दिक खामभला के अलावा जयदीप गोहिल, राहुल, फैसल रजाकभाई और निशांत उर्फ नील भट्ट की तलाश जारी है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीनों ठिकानों से 18 कंप्यूटर और लैपटॉप, 33 कीबोर्ड-माउस, 23 मोबाइल फोन, तीन ब्रॉडबैंड उपकरण और तीन बिजली के बिल जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत 5,16,700 रुपये बताई गई है।

BNS, IT एक्ट के तहत केस दर्ज, बैंक खातों की जांच शुरू

भायावदर पुलिस स्टेशन (Bhayavadar Police Station) में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 308(2), 351(4) और 3(5) के साथ आईटी एक्ट तथा गुजरात मेडिकल प्रैक्टिशनर एक्ट (Gujarat Medical Practitioners Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है। इसका उद्देश्य कथित ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाना, पैसों के लेनदेन की जानकारी जुटाना और यह पता करना है कि गिरोह कितने समय से सक्रिय था। अब तक कितने लोग इनके शिकार बने, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।

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