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Global EV Driver Survey 2024 : 92 फीसदी EV मालिक दोबारा नहीं खरीदेंगे इंजन वाली कार, जानें भारतीय क्या बोले?

By आराधना शर्मा 
Updated Date

Global EV Driver Survey 2024 : इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का उदय और प्रसार लगातार हो रहा है। और ऐसे मॉडलों की लोकप्रियता आंशिक रूप से मौजूदा मालिकों की वजह से है, जो ज्यादातर इंजन से चलने वाले पारंपरिक वाहनों पर वापस जाने के लिए तैयार नहीं हैं। भारत सहित 18 देशों में लगभग 23,000 ईवी (EV) मालिकों को शामिल करते हुए एक वैश्विक सर्वेक्षण (Global Survey) के नतीजे में यह बात सामने आई है।

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ग्लोबल ईवी ड्राइवर सर्वे 2024 (Global EV Driver Survey 2024) शीर्षक से और ग्लोबल ईवी अलायंस (Global EV Alliance) नाम के 64 राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक वाहन चालक संघों के एक जमीनी गैर-लाभकारी नेटवर्क द्वारा संचालित, सर्वेक्षण में पाया गया कि 97 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे अपने ईवी (EV) से ‘बहुत संतुष्ट’ हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे एक दिन में अपने मौजूदा ईवी को बदल देंगे, तो 92 प्रतिशत ने कहा कि वे इसे दूसरे ईवी (EV) से बदलेंगे और चार प्रतिशत ने कहा कि वे प्लग-इन हाइब्रिड को चुनेंगे। सिर्फ एक प्रतिशत ने कहा कि उनकी अगली कार पेट्रोल या डीजल से चलने वाली होगी।

ईवी क्यों खरीदें?

सर्वेक्षण में उन कारकों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया, जिनके कारण उत्तरदाताओं ने ईवी (EV) खरीदने का फैसला किया। ज्यादातर लोगों ने कहा कि ईवी (EV) की कम परिचालन लागत ईवी(EV) खरीदने का एक बड़ा कारण है। जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने यह भी बताया कि ऐसे वाहन पर्यावरण के लिए बेहतर हैं। अन्य कारकों में नई तकनीक में दिलचस्पी और दिए जाने वाले प्रोत्साहन शामिल थे।

आप अपनी ईवी को कहां चार्ज करते हैं?

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जब ईवी (EV)को चार्ज करने के प्राथमिक स्थान के बारे में पूछा गया, तो सर्वेक्षण में शामिल 72 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे अपने घर के चार्जिंग पॉइंट का इस्तेमाल करते हैं। अन्य 13 प्रतिशत ने कहा कि वे फास्ट चार्जर का उपयोग करते हैं। जबकि सात प्रतिशत ने कहा कि वे चार्जिंग विकल्पों के साथ सार्वजनिक पार्किंग स्थानों का इस्तेमाल करते हैं। अन्य सात प्रतिशत ने कहा कि वे अपने दफ्तर पर चार्जिंग पॉइंट का उपयोग करते हैं।

ईवी के साथ सबसे बड़ी समस्याएं क्या हैं?

सर्वेक्षण में ईवी (EV) के मालिक होने और उसे चलाने की वास्तविक समय की चुनौतियों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। जबकि ज्यादातर लोगों ने कहा कि उन्हें कोई वास्तविक चुनौती नहीं दिखी। फिर भी कई अन्य लोगों ने फास्ट-चार्जिंग पॉइंट्स की खराब कवरेज और धीमी चार्जिंग समय जैसी समस्याओं को जाहिर किया। कई लोगों ने ड्राइविंग रेंज और खराब चार्जर का भी जिक्र किया।

ईवी से जुड़ी सबसे ज्यादा किस देश में चिताएं

सभी 18 देशों में उत्तरदाताओं में से, जिन लोगों ने रेंज से संबंधित चिंताएं होने की बात स्वीकार की, उनमें सबसे अधिक संख्या भारत में थी। उसके बाद ब्राजील, कोस्टा रिका और पुर्तगाल का स्थान था। जर्मनी और स्विटजरलैंड के लोग रेंज को लेकर सबसे कम चिंतित थे।

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जानें किन देशों में हुआ सर्वे?

सर्वेक्षण में ऑस्ट्रिया, ब्राजील, कनाडा, कोस्टा रिका, फ्रांस, जर्मनी, हंगरी, भारत, आयरलैंड, नीदरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, स्लोवेनिया, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका के इलेक्ट्रिक वाहन मालिक शामिल थे।

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