भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) सोमवार को राजधानी भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (Indira Gandhi National Human Museum) में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (Global Investors Summit-2025) में पहुंचे। उनकी सहृदयता का एक ओर उदाहरण उस वक्त सामने आया जब वे मंच पर नहीं बल्कि नीचे कुर्सी पर जाकर बैठे। इससे पहले उन्होंने पीएम ने प्रदेश में 18 नीतियों का लोकार्पण (PM Modi Launched 18 Policies) किया। यह नीतियां प्रदेश में विकास की गति को नई दिशा देंगी।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि आज मुझे यहां आने में विलंब हुआ, इसके लिए मैं आप सबसे क्षमा चाहता हूं। विलंब इसलिए हुआ क्योंकि कल जब मैं यहां पहुंचा तो एक बात ध्यान में आई कि आज 10वीं और 12वीं के छात्रों के एग्जाम हैं। उसका समय और मेरा राजभवन से निकलने का समय क्लेश हो रहा था। उसके कारण संभावना थी कि सिक्युरिटी के कारण अगर रास्ते बंद हो जाएं और बच्चों को परीक्षा के लिए जाने में कठिनाई हो जाए। ये कठिनाई न हो, बच्चे समय से अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंच जाएं। इसके कारण मैंने निकलने में ही 10-15 मिनट की देरी कर दी।
Addressing the Global Investors Summit 2025 in Bhopal. With a strong talent pool and thriving industries, Madhya Pradesh is becoming a preferred business destination. https://t.co/EOUVj9ePW7
— Narendra Modi (@narendramodi) February 24, 2025
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विकसित मध्य प्रदेश से विकसित भारत की यात्रा में आज का ये कार्यक्रम बहुत अहम है। इस भव्य आयोजन के लिए मैं सीएम डॉ. मोहन यादव और उनकी पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। भारत के इतिहास में ऐसा अवसर पहली बार आया है, जब पूरी दुनिया भारत के लिए इतनी ऑप्टिमिस्टिक है। पूरी दुनिया में चाहे सामान्य जन हो, अर्थनीति के विशेषज्ञ हो, विभिन्न देश हो या फिर इंस्टीट्यूशन इन सभी को भारत से बहुत आशाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल की पहचान गैस त्रासदी से होती थी। आज के बाद भोपाल ग्लोबल रूप से नई पहचान बनाने जा रहा है। मध्य प्रदेश में संपदा भरपूर है। भोपाल देश की स्वच्छ राजधानियों में से औद्योगिक विकास आए हैं। हमने पांच वर्ष में अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
भोपाल : मध्यप्रदेश से अक्षय की रिपोर्ट