पणजी : गोवा की राजधानी पणजी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर विवाद गहरा गया है। पुलिस ने 11 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में शामिल करीब 300 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले नारे लगाए गए। पुलिस के मुताबिक मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
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CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही थी। पार्टी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए थे। इस विरोध प्रदर्शन में पार्टी के पदाधिकारी और समर्थक शामिल हुए थे।
‘हिंदुत्व मुर्दाबाद’ के नारे लगाने का आरोप
पणजी पुलिस इंस्पेक्टर विजयकुमार चोडनकर ने FIR दर्ज होने की पुष्टि की है। उनके अनुसार प्रदर्शन के दौरान CJP के पदाधिकारियों और समर्थकों ने कथित तौर पर ‘मुर्दाबाद, मुर्दाबाद, हिंदुत्व मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए। पुलिस का आरोप है कि इन नारों से धार्मिक असंतोष फैलने और हिंदू समुदाय की भावनाएं आहत होने की आशंका पैदा हुई।
तलेइगाओ निवासी रामप्रसाद केलकर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन का वीडियो देखने के बाद पुलिस से शिकायत की थी। केलकर के मुताबिक प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे थे और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का विरोध कर रहे थे।
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प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर सात लोग हिरासत में
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए उत्तर गोवा के कलेक्टर से संपर्क किया गया था, लेकिन अनुमति नहीं मिली। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आजाद मैदान में पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया। 11 अक्टूबर की देर शाम बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई। इसके बाद हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कही कार्रवाई की बात
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा था कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। CJP के नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास भी SIR में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में जेल जा चुके हैं। फिलहाल पणजी प्रदर्शन से जुड़े मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नारेबाजी से संबंधित आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।