Harsingar Planting Tips : दुर्गा पूजा के त्योहार में हरसिंगार (पारिजात) के फूलों का बहुत बड़ा महत्व होता है। इसकी भीनी-भीनी खुशबू पूरे माहौल को भक्तिमय बना देती है। अगर आप भी इस बार दुर्गा पूजा पर अपने घर को हरसिंगार की महक से सरोबार करना चाहते हैं, तो इसे अपने घर के गमले में आसानी से उगा सकते हैं।
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गमले का चुनाव
हरसिंगार का पौधा तेजी से बढ़ता है, इसलिए इसके लिए कम से कम 12 से 16 इंच का बड़ा गमला (मिट्टी या प्लास्टिक का) चुनें। गमले के नीचे जल निकासी (Draining hole) के लिए छेद होना बहुत जरूरी है ताकि पानी जमा न हो।
मिट्टी (Potting Mix) तैयार करना
हरसिंगार को ऐसी मिट्टी पसंद है जिसमें पानी रुके नहीं। इसके लिए एक बेहतरीन मिट्टी मिक्स बनाएं:
नॉर्मल बगीचे की मिट्टी: 50%
गोबर की खाद या केंचुआ खाद (Vermicompost): 30%
रेत (Sand) या कोकोपीट: 20%
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पौधा लगाने का तरीका
आप इसे बीज या कटिंग से लगा सकते हैं, लेकिन सबसे आसान तरीका है कि आप किसी नर्सरी से एक स्वस्थ पौधा खरीद लाएं।
गमले के निचले छेद पर एक दीया या कंकड़ रखें, फिर तैयार मिट्टी भरें।
पौधे को पॉलीबैग से निकालकर गमले के बीच में लगाएं और चारों तरफ से मिट्टी दबा दें।
लगाने के तुरंत बाद पौधे में अच्छी तरह पानी दें।
धूप और स्थान
हरसिंगार को धूप बहुत पसंद है। गमले को घर के ऐसे हिस्से (जैसे बालकनी या छत) में रखें जहाँ कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप आती हो। धूप न मिलने पर पौधे में फूल नहीं आएंगे।
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पानी और खादपानी
मिट्टी की ऊपरी सतह सूखने पर ही पानी दें। गमले में जलभराव (Waterlogging) होने से इसकी जड़ें सड़ सकती हैं।
खाद
महीने में एक बार एक मुट्ठी वर्मीकंपोस्ट या गोबर की खाद जरूर डालें। फूलों के सीजन (सितंबर-अक्टूबर) में आप इसमें थोड़ी सोनामुखी या केले के छिलके का लिक्विड फर्टिलाइजर (Potassium rich) दे सकते हैं, इससे बहुत सारे फूल आएंगे।