Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. Shame on Humanity : 120 महिलाओं से रेप के दोषी जलेबी बाबा को कोर्ट ने सुनाई 14 साल जेल की सजा, इसकी कहानी जानकर हैरान होंगे आप

Shame on Humanity : 120 महिलाओं से रेप के दोषी जलेबी बाबा को कोर्ट ने सुनाई 14 साल जेल की सजा, इसकी कहानी जानकर हैरान होंगे आप

By संतोष सिंह 
Updated Date

हरियाणा। बाबा राम रहीम (Baba Ram Rahim) , आशाराम बापू (Asa Ram Bapu) जैसे दुष्कर्मियों की सूची में एक और ढ़ोगी शख्स का नाम शामिल हो गया है, जिसने लोगों के विश्वास और आस्था का माखौल उड़ाया है। हरियाणा के जलेबी बाबा उर्फ अमरपुरी को फतेहाबादा फार्स्ट ट्रैक कोर्ट ने सैक्स स्केंडल मामले (Sex Scandal Cases) में दोषी करार देते हुए 14 साल जेल की सजा सुनाई है।

पढ़ें :- अनुप्रिया पटेल का बयान दुर्भाग्यपूर्ण, कौशाम्बी में भाजपा का नहीं, प्रत्याशी का किया  विरोध : रघुराज प्रताप सिंह

जलेबी बाबा के घिनौने कृत्य ने इंसानियत को एकबार फिर शर्मसार किया है। उसने धोखे से एक नहीं दो नहीं बल्कि 120 महिलाओं का जीवन बर्बाद कर दिया। ढोंगी बाबा अंधविश्वास की शिकार महिलाओं को अपना निशाना बनाता था और उसका शारीरिक शोषण किया करता था। महिलाएं इलाज के लिए उसके आश्रम आया करती थीं, जिन्हें यह ढोंगी बाबा अपने हवल का शिकार बनाता था। इतना ही नहीं पीड़िता का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे बाद में ब्लैकमेल भी करता था। तो आइए जानते हैं कौन है जलेबी बाबा,जिसने एकबार फिर साधुओं और बाबाओं की साफ एवं सुंदर छवि को एकबार फिर दागदार बनाने की कोशिश की है।

जानें क्या है जलेबी बाबा का इतिहास ?

बता दें कि करीब 20 साल पहले पंजाब के मानसा जिले का रहने वाला बिल्लूराम अमरवीर हरियाणा के टोहाना में आया था। यहां पर आकर उसने नेहरू मार्केट में जलेबी की रेहड़ी लगाई, जो चल निकली। उसने अपनी दुकान का नाम अमरवीर के पंजाबी तोहफे रख लिया था। बिजनेस अच्छा चल रहा था, तभी एक दिन उसकी पत्नी की मौत हो गई। बताया जा रहा है परिवार में चार लड़कियां और दो लड़के हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान वह पंजाब से आए एक तांत्रिक संपर्क में आया।। जिसने उसे कुछ तंत्र विद्या सिखाई। इसके बाद वो दो साल तक गायब रहा। वापस आने के बाद टोहाना में उसने बाबा बालकनाथ का एक मंदिर बनवाया। वह अपने बच्चों के साथ यहीं रहने लगा था। अमरवीर ने अपना नाम बदलकर अमरपुरी कर लिया और तंत्र विद्या के दम पर लोगों के दुख और दर्द को खत्म करने की बात करने लगा। उसने बकायदा अपने आश्रम के बाहर बोर्ड भी लगा रखा था। कुछ समय बाद उसने अपने सभी छह बच्चों की शादियां पंजाब में कर दी और यहां अकेले रहने लगा।

ऐसे खुला पूरा मामला

पढ़ें :- ED  रिपोर्ट : 'आप' को विदेशों से हुई करोड़ों की अवैध फंडिंग, AAP बोली- हर चुनाव से पहले  ये सब करती है भाजपा

जलेबी बाबा के सब दुख और कष्ट हरने के दावे पर बड़ी संख्या में लोग आश्रम की ओर उमड़ने लगे। इनमें महिलाओं की संख्या भी अच्छी खासी थी। दोषी बाबा ने पीड़ित महिलाओं की परेशानी का फायदा उठाते हुए उन्हें इलाज के बहाने नशे की गोलियां खिलाईं और फिर उनका रेप किया। इस दौरान वह उनकी आपत्तिजनक वीडियो भी बनाता और उनके जरिए ब्लैकमेल कर उनसे पैसे ऐंठता। कई महिलाओं ने बदनामी के डर से इस अन्याय के विरूद्ध मुंह नहीं खोला। लेकिन एक महिला ने हिम्मत दिखाते हुए 2017 में ढोंगी बाबा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर टोहाना पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 328, 376, 506 मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद साल 2018 में जलेबी बाबा के खिलाफ तत्कालीन एसएचओ की शिकायत पर एक और मामला दर्ज हुआ था। अनजान नंबर से आए एक एमएमएमस के आधार पर ये कार्रवाई की गई थी।

आश्रम से मिले कई आपत्तिजनक सामान

मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने बाबा बालकनाथ के आश्रम पर रेड मारी, जहां से नशे की गोलियां, वीसीआर, राख, भभूति और चिमटा मिल था। जब बाबा को गिरफ्तार किया गया तो उसके पास से महिलाओं के साथ बनाए गए 120 अश्लील वीडियो मिले।

सजा सुन रहम की भीख मांगने लगा ढोंगी 

बीते मंगलवार को फतेहाबाद की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने जलेबी बाबा पर दर्ज मुकदमों पर सजा सुनाई। बाबा को नाबालिग से दो बार रेप के केस में पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 14 साल की कैद हुई। वहीं, महिलाओं से रेप के केस में आईपीसी की धारा 376C के तहत 7-7 साल और आईटी एक्ट की धारा 67-ए में 5 साल की कैद हुई। बाबा को आर्म्स एक्ट में बरी कर दिया गया। कोर्ट के आदेश के अनुसार, सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। वहीं, अदालत में सजा सुनते ही 100 से अधिक महिलाओं की जिंदगी खराब करने वाला जलेबी बाबा जज के सामने रोने लगा। उसने अपने उम्र और बीमारी का बहाना बनाते हुए अदालत से रहम की भीख मांगी।

पढ़ें :- भाजपा की हर बात झूठी निकली, इन्होंने कहा किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी, बताओ 10 साल में किसी की आय दोगुनी हुई : अखिलेश यादव
Advertisement