नई दिल्ली। फाल्गुन को महिना शुरू हो चुका है, लेकिन लोगों के अंदर वह उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है। अभी तक बाजारें भी नहीं सजी है। वहीं इस बार होली के त्यौहार पर एक तरफ जहां चंद्रग्रहण है, वहीं दूसरी तरफ भद्र का साया रहेगा। होलिका दहन का समय इस बार देर रात में होगा। भ्रदा काल के कारण मध्य रात्री से पहले होलिका दहन नहीं किया जाएगा।
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इस बार होली के त्यौहार पर भद्रा का साया दो मार्च की मध्यरात्रि से तीन मार्च तक रहेगा। वहीं धुलंडी वाले दिन साल का पहला चंद्रग्रहण लगेगा। तीन साल बाद एक बार फिर होली पर भद्रा का प्रभाव पड़ रहा है, जिस कारण होलिका दहन के समय में बदलाव हुआ है। ज्योतिषचार्य के मुताबिक दो मार्च को पूर्णिमा तिथि शाम 5:56 से तीन मार्च शाम 5:08 बजे तक भ्रदा का साया रहेगा। वहीं प्रदोषकाल में पूर्णिमा दो मार्च को रहने के कारण होलिका दहन इसी दिन किया जाएगा। तीन मार्च की रात एक बजकर 26 मिनट से दो बजकर 38 मिनट तो होलिका दहन किया जाएगा। वहीं चार मार्च को साल का पहला चंद्रग्रहण भी लगेगा। चंद्र ग्रहण का समय दोपहर 3:20 से शाम 6:48 बजे तक। ग्रहण का अंतिम चरण में शाम 6.29 बजे से करीब 18 मिनट के लिए रहेगा। इस दौरान मंदिरों के पट बंद रहेंगे और केवल भजन-कीर्तन होंगे। ग्रहण के कारण रंग खेलने पर कोई पाबंदी नहीं है।