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मुरादाबाद में नक्शे की अवधि समाप्त होने के बाद भी धड़ल्ले से चल रहा होटल निर्माण, MDA अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध

By टीम पर्दाफाश 
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मुरादाबाद। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य कराने का एक और मामला सामने आया है। आरोप है कि, शहर में एक पांच मंजिला होटल का निर्माण उस मानचित्र के आधार पर कराया जा रहा है जिसकी वैधता तीन वर्ष पूर्व ही समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी है। जिससे एमडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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स्थानीय सूत्रों के अनुसार उक्त होटल का मानचित्र तीन मंजिल के लिए स्वीकृत हुआ था। लेकिन नियमानुसार निर्धारित समय सीमा में निर्माण पूरा न होने पर मानचित्र स्वतः निरस्त माना जाता है। बताया जा रहा है कि मानचित्र की अवधि खत्म हुए लगभग तीन साल बीत चुके हैं। फिर भी मौके पर तेजी से निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि यह सब बिना विभागीय संरक्षण के संभव नहीं है। आरोप है कि एमडीए के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से न केवल नियमों की अनदेखी की जा रही है। बल्कि प्राधिकरण के राजस्व को भी भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। यदि मानचित्र की अवधि समाप्त होने के बाद पुनः स्वीकृति ली जाती तो प्राधिकरण को लाखों रुपये का शुल्क प्राप्त हो सकता था। नगर नियोजन विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी स्वीकृत मानचित्र की एक निश्चित समयावधि होती है और अवधि समाप्त होने के बाद निर्माण जारी रखना अवैध श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में प्राधिकरण को निर्माण सील करने, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने और जुर्माना लगाने का प्रावधान है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एमडीए छोटे निर्माणों पर त्वरित कार्रवाई करता है। लेकिन बड़े व्यावसायिक निर्माणों पर कार्रवाई न होने से दोहरे मापदंड की स्थिति बन रही है। लोगों ने प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व निर्माणकर्ता पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस संबंध में एमडीए अधिकारियों का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला न केवल नियमों के उल्लंघन बल्कि सरकारी राजस्व हानि का भी बन सकता है।

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