Trump makes a big claim about Osama bin Laden: ‘नोबेल के शांति पुरस्कार’ की चाह में बैठे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड एक के बाद एक दावे कर रहे हैं। ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना की 250वीं वर्षगांठ कार्यक्रम में दावा किया कि अल कायदा के सरगना आतंकी ओसामा बिन लादेन को मार गिराने में उन्होंने भी योगदान था। जिसका श्रेय उन्हें मिलना चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनकी चेतावनी को नजरअंदाज किया गया। जिसकी वजह से वर्ल्ड ट्रेड सेंटर हमला हुआ।
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दरअसल, 2 मई 2011 को अमेरिका ने ऑपरेशन नेप्च्यून स्पीयर किया, जिसमें सील टीम सिक्स ने पाकिस्तान के एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन को उसके ” वजीरिस्तान हवेली ” में गोली मारकर हत्या कर दी गयी। उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा थे। लेकिन, ट्रंप अमेरिकी नौसेना की 250वीं वर्षगांठ पर लादेन को मार गिराने की सफलता का श्रेय लेने की कोशिश करते दिखे। इस मौके पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा, “इतिहास कभी नहीं भूलेगा कि वो नेवी सील के जवान थे जिन्होंने ओसामा बिन लादेन के परिसर में घुसकर उसके सिर में गोली मारी थी। याद रखिएगा।” ट्रंप ने दावा किया कि 9/11 हमले से एक साल पहले ही उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों से लादेन पर नजर रखने को कहा था।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, “कृपया याद रखें, मैंने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले से ठीक एक साल पहले ओसामा बिन लादेन के बारे में लिखा था। मैंने कहा था- आपको ओसामा बिन लादेन पर नजर रखनी होगी।” ट्रंप ने कहा, “मैंने एक साल पहले कहा था कि मैंने ओसामा नाम के एक व्यक्ति को देखा है और मुझे वह पसंद नहीं आया। मैंने कहा था कि उस पर नजर रखनी होगी। उन्होंने नजर नहीं रखी। एक साल बाद उसने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को उड़ा दिया। इसलिए मुझे थोड़ा श्रेय लेना चाहिए, क्योंकि कोई और तो मुझे देगा नहीं।”