नई दिल्ली। लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा में राहुल गांधी ने हिस्सा लिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, पहलगाम में एक क्रूर और निर्दयी हमला, जो साफ तौर पर पाकिस्तानी सरकार की ओर से प्रायोजित और षडयंत्र किया गया था। युवा और वृद्ध लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई। हम सभी ने इस सदन के प्रत्येक व्यक्ति ने मिलकर पाकिस्तान की निंदा की है।
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उन्होंने आगे कहा, ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने से पहले ही, सभी विपक्षी दलों ने हमारे सशस्त्र बलों और भारत की निर्वाचित सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़े रहने का संकल्प लिया था। हमने कुछ भाजपा नेताओं की ओर से कुछ व्यंग्यात्मक टिप्पणियां सुनीं, लेकिन हमने एक शब्द भी नहीं कहा। हमें इस बात पर बहुत गर्व है कि विपक्ष के रूप में हम एकजुट होकर खड़े रहे, जैसा कि हमें होना चाहिए था।
पहलगाम आतंकी घटना होने के बाद मैं करनाल में नरवाल जी के घर गया। उनके बेटे नेवी में थे और वो CRPF में थे। मुझे ऐसा लगा कि मैं अपने परिवार के साथ बैठा हूं। उन्होंने अपने बेटे का फोटो एल्बम दिखाया, उसके बारे में बताया कि वो बहुत हंसी-मजाक करता था। बहन ने कहा- मैं दरवाजे की ओर देखती हूं, लेकिन मेरा भाई नहीं आता है और कभी नहीं आएगा। उसके बाद मैं यूपी में एक और परिवार से मिला, जिसमें पति को पत्नी के सामने गोली मार दी गई थी। ये देखकर हर हिंदुस्तानी को दर्द होता है, दुख होता है। जो हुआ, बहुत गलत हुआ।
राहुल गांधी ने आगे कहा, अगर नरेंद्र मोदी में इंदिरा गांधी जैसी 50% भी हिम्मत है तो सदन में बोल दें कि ट्रंप सीजफायर को लेकर झूठ बोल रहे हैं। साथ ही कहा, पहलगाम आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तानी जनरल असीम मुनीर का हाथ है। हाल ही में, उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ लंच मीटिंग की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने यह भी नहीं कहा, ‘ट्रंप की हिम्मत कैसे हुई कि उन्होंने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया?’
साथ ही कहा, जब भी मैं सेना के किसी व्यक्ति से मिलता हूं और हाथ मिलाता हूं तो मुझे पता लग जाता है कि ये टाइगर है, इसको हिलाया नहीं जा सकता। ये देश के लिए मर-मिटने को तैयार है। टाइगर को आप बांध नहीं सकते हैं, अगर आपको उनसे सच्चा काम लेना है, तो आपको पूरी छूट देनी होगी। दो शब्द हैं- ‘Political will’ और ‘Freedom of operation’…अगर आप हिंदुस्तान की सभी सेनाओं का प्रयोग करना चाहते हैं तो आपके पास 100% Political will होनी चाहिए और उन्हें Full Freedom of operation देना होगा।
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा, पाकिस्तान की सरकार को क्यों कहा गया कि न हम आपके आर्मी इंफ्रास्ट्रक्चर को अटैक करेंगे, न ही एयर डिफेंस को अटैक करेंगे। हम आगे जंग नहीं चाहते। मतलब पाकिस्तान से कहा गया कि हमने तुम्हें एक थप्पड़ मारा है, लेकिन दूसरा थप्पड़ नहीं मारेंगे? आखिर क्यों?? क्योंकि इस पूरे एक्शन का मकसद था कि नरेंद्र मोदी की छवि बचाई जाए।