देहरादून। आज सुबह एक बड़ी खबर उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के जसपुर यानी अहमदनगर से आ रही है जहां सरकारी भूमि पर पांच बीघा में बने अवैध मजार को जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण मुक्त करा लिया है। यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तड़के सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों और जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में प्रशासनिक अमला ने शुरू की थी।
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साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस कार्रवाई में दो जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल कर अवैध मजार के ढांचे को गिराया गया। 50 से अधिक राजस्व और पुलिस कर्मी अभियान की सुरक्षा में तैनात किए गए थे। इसके बाद राजस्व विभाग ने पूरी भूमि को दोबारा अपने कब्जे में ले लिया है।
प्रशासन ने दिया था तीन सप्ताह का नोटिस
जसपुर के उपजिलाधिकारी (Sub-Divisional Magistrate) ने बताया कि सरकारी जमीन पर बने इस निर्माण को लेकर संबंधित पक्षों को तीन सप्ताह पहले ही नोटिस जारी किया गया था। प्रशासन ने उनसे भूमि के स्वामित्व के वैध दस्तावेज की मांग की थी। तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब कोई कानूनी कागज प्रस्तुत नहीं किया गया, तब बेदखली आदेश के तहत इस तरह का एक्शन लिया गया।
देवभूमि में ‘एंटी-अतिक्रमण’ अभियान के बड़े आंकड़े
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आपको बता दे कि उत्तराखंड में सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत अब तक राज्यभर में 600 से अधिक अवैध धार्मिक संरचनाओं को अब तक ध्वस्त या स्थानांतरित किया गया है। 13,000 एकड़ से ज्यादा सरकारी और वन भूमि को भू-माफियाओं से छीन ली गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोहराया है कि देवभूमि के सांस्कृतिक स्वरूप से कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। सरकारी जमीनों पर ‘प्रतीक या चादर’ डालकर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ यह अभियान आगे भी चलता रहेगा।