डिजिटल, पर्दाफाश। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद शुक्रवार रात दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में दीवार फांदकर दाखिल हुए। यहां छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर 12 अक्टूबर से धरना और भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से उन्होंने मुलाकात की। हालांकि यूनिवर्सिटी से बाहर निकलते समय पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। करीब छह घंटे बाद शनिवार सुबह उन्हें छोड़ दिया गया।
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छात्रों के साथ जमीन पर बैठकर की बात
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में इमरान मसूद दीवार पार करते और बाद में जमीन पर बैठकर छात्रों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। उनके साथ सपा MLC शहनवाज खान भी छात्रों को समर्थन देने पहुंचे थे।
मसूद ने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनके अधिकारों को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रसंघ की बहाली को लेकर सवाल उठाए और कहा कि भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की सेहत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
बोले- छात्रों के लिए अपनी जान भी दे सकता हूं
इमरान मसूद ने कहा कि छात्रों की मांगों पर प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, “ये हमारे बच्चे हैं, मैं इनके लिए अपनी जान भी दे सकता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों से मिलने जाना कोई अपराध नहीं है और वह इस मामले में कुलपति व विश्वविद्यालय प्रशासन से बात करेंगे।
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‘भारत को तोड़ने वाले नारों का समर्थन नहीं’
यूनिवर्सिटी में ‘फ्री कश्मीर’ और ‘फ्री शरजील इमाम’ जैसे नारों और पोस्टरों पर मसूद ने कहा कि वह भारत को तोड़ने वाले किसी भी नारे का समर्थन नहीं करते। उन्होंने कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताया और आरोप लगाया कि कुछ लोग ऐसे पोस्टरों के जरिए छात्रों के आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
दीवार फांदने की बताई वजह
मसूद के मुताबिक उन्हें आशंका थी कि मुख्य गेट से प्रवेश करने पर पुलिस उन्हें रोक सकती है, इसलिए वह पीछे की दीवार फांदकर अंदर गए। बाहर निकलते समय पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे उन्हें रिहा कर दिया गया।