नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक इमारत हादसे को लेकर सियासत शुरू हो गयी है। इस घटना को लेकर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि, हर बार जिंदगियां, सपने और अरमान मलबे में दबते हैं-और हर बार कार्रवाई गायब रहती है। 12 साल में ये सरकार दुनिया भर की बातें कर के आपको गोल-गोल घुमाती रही, लेकिन मुद्दे की बात नहीं की।
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राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, हर बार BJP सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न-हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाज़ी होती है, कुछ छोटे अफ़सरों पर ज़िम्मेदारी मढ़ दी जाती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं।
हर बार BJP सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न – हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाज़ी होती है, कुछ छोटे अफ़सरों पर ज़िम्मेदारी मढ़ दी जाती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं।
सत्य निकेतन में छात्रों से भरी इमारत का गिरना कोई अकेली त्रासदी नहीं है। पिछले 4 महीनों में…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 7, 2026
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सत्य निकेतन में छात्रों से भरी इमारत का गिरना कोई अकेली त्रासदी नहीं है। पिछले 4 महीनों में सैदुलाजाब में ऐसी त्रासदी में 6 लोगों की मौत हुई, हौज़ रानी में आग ने 22 जानें ले लीं। हर बार जिंदगियां, सपने और अरमान मलबे में दबते हैं – और हर बार कार्रवाई गायब रहती है। और जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री खुद आपको “दिमागी नक्सल, नाराज़ फूफा” जैसे अपमानजनक तमगे दे देते हैं – मकसद, सवाल पूछने वालों को शर्मिंदा करो, बदनाम करो और चुप करा दो।
उन्होंने आगे लिखा, 12 साल में ये सरकार दुनिया भर की बातें कर के आपको गोल-गोल घुमाती रही, लेकिन मुद्दे की बात नहीं की। दिल्ली में “ट्रिपल इंजन” सरकार है, तो अब किस बात से लाचार है? लाचारी है नीयत की-क्योंकि जहां नीयत नहीं होती, वहां जवाबदेही भी नहीं होती। There Is No Accountability.