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संयुक्त राष्ट्र में भारत ने लगाई फटकार! दाऊद इब्राहिम को ‘India-based’ बताने पर जताई आपत्ति

By Sushil Sah 
Updated Date

नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। संयुक्त राष्ट्र के एक विशेष रिपोर्टर की रिपोर्ट में भारत ने दाऊद इब्राहिम और उसके संगठन D-Company को “India-based” बताए जाने पर गंभीर आपत्ति जताई है। भारत ने इस रिपोर्ट को तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए कहा कि दाऊद भारत में नहीं, बल्कि पाकिस्तान में रहता है।

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भारत के राजनयिक रघू पुरी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में कहा कि दाऊद इब्राहिम 1993 से भारत में आतंकवादी हमलों के मामलों में वांछित है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध व्यवस्था के तहत दाऊद को 2003 में अल-कायदा से संबंधों के चलते सूचीबद्ध किया गया था। भारत ने सवाल उठाया कि रिपोर्ट में दाऊद के भारत में वांछित होने की पूरी जानकारी का उल्लेख क्यों नहीं किया गया।

इसके अलावा भारत ने UN यानी संयुक्त राष्ट्र में दाऊद के ठिकाने को लेकर भी स्पष्ट बयान दिया। रघू पुरी ने कहा कि दाऊद उसी देश में रहता है, जहां अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन पाया गया और मारा गया था। बता दें कि उनका इशारा पाकिस्तान की ओर था। साल 2011 में ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी कार्रवाई में मार गिराया गया था।

भारत ने UN के रिपोर्टर बेन सॉल की रिपोर्ट पर सवाल उठाया और कहा कि ऐसी तथ्यात्मक गलतियां संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती हैं। सा​थ ही भारत ने रिपोर्ट तैयार करने वाले विशेष जनादेशधारकों से निष्पक्षता, सटीकता और जवाबदेही बनाए रखने की मांग की।

इसके अलावा भारत ने कहा कि आतंकवाद को मानवाधिकारों के नाम पर सही नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय पक्ष ने जोर दिया कि मानवाधिकारों का ढांचा आतंकवादियों या कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वालों के लिए सुरक्षा कवच नहीं बनना चाहिए।

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यहां ध्यान देनेवाली बात यह है कि दाऊद इब्राहिम को भारत साल 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट समेत कई गंभीर मामलों में वांटेड मानता है। भारत काफी लंबे समय से पाकिस्तान से उसके खिलाफ कार्रवाई और उसे भारत को सौंपने की मांग करता रहा है।

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