मुंबई क्राइम ब्रांच को टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस की जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित बड़े एजेंडे के सुराग मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक, गैंग दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी को चुनौती देकर मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर कब्जा जमाना चाहता है। पुलिस को कई संवेदनशील ऑडियो क्लिप्स भी मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
Lawrence Bishnoi Gang: मुंबई में एक बार फिर अंडरवर्ल्ड का खौफ लौटने की आशंका जताई जा रही है। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ के घर पर हुई फायरिंग की जांच के दौरान मुंबई क्राइम ब्रांच को कथित तौर पर ऐसे सुराग मिले हैं, जिनसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बड़े आपराधिक एजेंडे का संकेत मिलता है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, गैंग मुंबई में दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी के प्रभाव को चुनौती देकर अपना नेटवर्क मजबूत करना चाहता है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि और जांच के नतीजों का इंतजार है।
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार, गैंग का कथित मकसद मुंबई में ऐसा डर पैदा करना है, जैसा 1990 के दशक में अंडरवर्ल्ड के दौर में देखने को मिलता था। उस समय गैंगस्टरों की धमकियों से कारोबारी, बिल्डर और फिल्मी हस्तियां तक परेशान रहती थीं।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि फायरिंग और धमकियों के जरिए गैंग अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहा है। इसके पीछे रंगदारी और प्रोटेक्शन मनी के नेटवर्क को बढ़ाने की कोशिश भी हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, मुंबई के बड़े कारोबारी, रियल एस्टेट डेवलपर्स और बॉलीवुड से जुड़े लोग गैंग के संभावित निशाने पर हो सकते हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या हालिया घटनाएं किसी संगठित आपराधिक रणनीति का हिस्सा हैं।
जांच के दौरान कई संवेदनशील ऑडियो क्लिप्स मिलने की बात भी सामने आई है। इन रिकॉर्डिंग्स में कथित तौर पर डी-कंपनी और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का जिक्र है। पुलिस इनकी प्रामाणिकता और आवाजों की पहचान के लिए फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी में है।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। क्राइम ब्रांच गैंग के फंडिंग नेटवर्क, स्थानीय मददगारों और संभावित संपर्कों की जांच कर रही है। फिलहाल, पुलिस की तफ्तीश जारी है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि फायरिंग की घटना का मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर कब्जे की कथित साजिश से कितना संबंध है।