Mohan Bhagwat on the India-US trade deal : भारत और अमेरिका ने ट्रेड डील के फ्रेमवर्क को फाइनल कर दिया है। मोदी सरकार का दावा है कि यह फ्रेमवर्क किसानों, उद्यमियों, MSMEs, स्टार्टअप इनोवेटर्स, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर ‘मेक इन इंडिया’ को मज़बूत करता है, जबकि विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने अमेरिका के लिए 0% टैक्स पर भारत का कृषि बाज़ार खोल दिया। इस बीच, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान सामने आया है। उनका कहना है कि भारत का ट्रेड डील अपनी “शर्तों और नियमों” पर होना चाहिए, न कि किसी के दबाव में या टैरिफ के कारण।
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दरअसल, मोहन भागवत शनिवार को मुंबई में RSS की शताब्दी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, “हम खुद को दुनिया से अलग नहीं कर सकते, लेकिन डील हमारी शर्तों और नियमों पर होनी चाहिए। हम इसे किसी के दबाव में या टैरिफ को देखकर नहीं करेंगे।” भागवत ने इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मनमानी टैरिफ नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने किसी देश या नेता का नाम लिए बिना कहा, “हम सब देख रहे हैं कि सुपरपावर क्या कर रहा है। हम ऐसा नहीं बनना चाहते जो दूसरों को डराए। विश्वगुरु के तौर पर, हम अंदर से नेतृत्व करना चाहते हैं और दुनिया के लिए एक उदाहरण बनना चाहते हैं। हम ऐसी सुपर पावर नहीं बनना चाहते जो दूसरों को डराए। इसके बजाय, हम एक विश्वगुरु बनना चाहते हैं जिसे दुनिया भर में स्वीकार किया जाए और अपनाया जाए।”
आरएसएस और भाजपा के बीच साफ़ फ़र्क बताते हुए, आरएसएस प्रमुख भागवत ने कहा, “अक्सर हम लोगों को यह कहते सुनते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आरएसएस हैं। हाँ, वह एक स्वयंसेवक हैं। सच तो यह है कि आरएसएस और भाजपा अलग-अलग हैं। भाजपा में आरएसएस के लोग हैं। लेकिन आरएसएस के पास भाजपा का रिमोट कंट्रोल नहीं है।” इस कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां पहुंची थीं, जिनमें एक्टर सलमान खान और रणबीर कपूर, एक्ट्रेस और सांसद हेमा मालिनी, फिल्म निर्माता सुभाष घई, फिल्म प्रोड्यूसर रॉनी स्क्रूवाला और बिजनेसमैन सज्जन जिंदल शामिल थे।