नई दिल्ली। अराद में करीब 75 लोग घायल हुए, जिनमें 10 की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं दिमोना में 33 लोग जख्मी हुए हैं, जिनमें एक 10 साल का बच्चा भी शामिल है, जिसकी हालत नाजुक है। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इजरायल का मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम भी इस बार पूरी तरह नाकाम साबित हुआ। इंटरसेप्टर मिसाइलें लॉन्च की गईं, लेकिन वे बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक नहीं सकीं, जिससे नुकसान और ज्यादा बढ़ गया। दिमोना की स्थिति और भी संवेदनशील मानी जा रही है, क्योंकि यहां इजरायल का परमाणु केंद्र स्थित है। ऐसे में इस हमले ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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इस पूरे घटनाक्रम पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे “भविष्य की जंग में एक कठिन शाम” बताया। उन्होंने सभी सरकारी एजेंसियों को तुरंत राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है। वहीं, इजरायल के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को “नागरिकों को निशाना बनाने वाला युद्ध अपराध” करार दिया है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि ईरान जानबूझकर आम लोगों को निशाना बना रहा है। दूसरी ओर, ईरान के सरकारी मीडिया ने इस हमले को नतांज परमाणु केंद्र पर हुए हमले का जवाब बताया है, जिससे यह साफ है कि दोनों देशों के बीच टकराव और गहरा सकता है।