नई दिल्ली। इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हसे गई है। इस खबर ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। इसका सीधा असर पाकिस्तान में भी देखने को मिला है। ईरान पर हमले करने बाद कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई है और वहां का तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान के कराची में शिया समुदाय ने अमेरिकी दूतावास पर हमला कर दिया है और वहां पर जमकर तोड़फोड़ कि है। इस हमले में आठ लोगों की मौत हो गई। वहीं हमलावरों ने अमेरिका के दूतावास पर भी हमला किया है।
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पाकिस्तान में अमेरिका के दूतावास पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने आनन9फानन में जी-7 देशों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। अमेरिका इस बैठक में ईरान के संभावित जवाबी हमले को रोकने की बात कर रहा है। इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में शांति बनाए रखने के लिए एक साझा रणनीति तैयार कर रहा हैं अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने दुनिया भर के अपने नागरिकों और दूतावासों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं यूरोपीय देशों ने भी अपनी कूटनीतिक मिशनों की सुरक्षा कड़ी कर दी है। इजरायल के हमला करने के बाद से ही ईरान के अगले कदम पर दूनिया भर की नजर टिकी हुई हैं। ईरान मेंसुप्रीम लीडर के चुनाव और भविष्य की रणनीति को लेकर आपात बैठकें चल रही हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र (united nations) ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। इस बीच जमीनी हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। आने वाले दो से तीन दिन में वैश्विक शांति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।