नई दिल्ली। पाकिस्तान की धरती पर चीन समर्थित शंघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) की बैठक 15-16 अक्टूबर को होनी है। इससे पहले कराची एयरपोर्ट के पास हुए बम धमाकों (Karachi Airport Blast) में तीन लोगों की मौत ने हर किसी को हिला दिया है। मिली जानकारी के अनुसार मरने वालों में दो चीनी नागरिक हैं। ऐसे में ड्रैगन ने भी अपने खास दोस्त पाकिस्तान को इस घटना के बाद फटकार लगाते हुए चीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की हिदायत पाकिस्तान को दी है। इस घटना ने आगामी सप्ताह में होने वाले एससीओ समिट की सुरक्षा पर भी सवाल उठा दिए हैं।
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बतातें चलें कि पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान (Former Pakistan PM Imran Khan) कई बार खुद खुले मंचों पर यह स्वीकार कर चुके हैं कि उनकी सेना ने आतंकियों को पाला पोसा है। कश्मीर की शांति भंग करने का हर संभव प्रयास करने वाला भारत का यह पड़ोसी मुल्क इस वक्त खुद आतंकवाद की ऐसी आग में झुलस रहा है कि देश में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करा पाना भी पीएम शाहबाज शरीफ (PM Shahbaz Sharif) के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। पीएम शाहबाज शरीफ (PM Shahbaz Sharif) को यह अच्छे से पता है कि उनके देश की पुलिस के बस में एससीओ समिट को सुरक्षा उपलब्ध कराना नहीं है।
शरीफ गिड़गिड़ा रहे सेना के आगे
यही वजह है कि पाक के पीएम शाहबाज शरीफ (PM Shahbaz Sharif) आर्मी चीफ आसिफ मुनीर (Army Chief Asif Munir) के आगे गिड़गिड़ाते हुए शंघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) के लिए सेना की छत्रछाया देने का अनुरोध कर चुके हैं। राजधानी इस्लामाबाद इस वक्त पूरी तरह से सेना के कंट्रोल में है। यूं तो यह एससीओ सम्मेलन 15 और 16 अक्टूबर को होना है, लेकिन पाकिस्तान की सेना अपने खुद के पाले आतंकियों के काम करने के तरीकों से अच्छे से वाकिफ हैं। यही वजह है कि मुनीर की आर्मी ने पांच अक्टूबर से ही इस्लामाबाद में डेरा डाल लिया है।
आतंकी फैक्ट्री को अच्छे से पता है किसम्मेलन से पहले कैसे पैनिक बटन दबाना है?
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भले ही पाकिस्तान की आर्मी को इस्लामाबाद को एससीओ समिट (SCO Summit) के लिए पूरी सुरक्षा प्रदान कर दे, लेकिन पाकिस्तान की आतंकी फैक्ट्री को यह अच्छे से पता है कि दूसरे शहरों में बड़े धमाके कर कैसे सम्मेलन से पहले पैनिक बटन दबाना है? पूरी सोची समझी साजिश के तहत ही कराची एयरपोर्ट (Karachi Airport) के पास आज यह बम धमाका किया गया है। साथ ही चीन के नागरिकों को निशाना बनाया गया। ताकि विदेश से आने वाले मेहमानों में डर का माहौल बनाया जा सके।