लखनऊ। केदारताल में हुए हिमस्खलन ने कई परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। यूपी की राजधानी लखनऊ का एक परिवार भी अपनी दो बेटियों की सलामती की खबर मिलने का इंतजार कर रहा था, लेकिन बुधवार को उनके शव बरामद होने से उनकी आखिरी उम्मीद भी टूट गई। इस सूचना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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बीते दिनों केदारताल ट्रैक पर हुए हिमस्खलन के बाद फंसे ट्रैकर्स में उत्तर प्रदेश के लखनऊ गायत्रीपुरम की दो सगी बहनें वर्तिका वर्मा व दीपिका वर्मा भी शामिल थी। दोनों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मंगलवार को उनका भाई अतुल वर्मा अपने परिजनों के साथ बहनों को ढूंढने के लिए जिला मुख्यालय पहुंचा था। उन्होंने बताया कि ट्रेकिंग एजेंसी की ओर से उन्हें घटना की जानकारी नहीं दी गई। वह सोशल मीडिया पर खबर देखने के बाद उत्तरकाशी पहुंचे हैं।
अतुल वर्मा ने बताया कि उनकी बहन वर्तिका वर्मा फ्रीलांसर इन्फल्यूएंसर हैं। साथ ही दीपिका वर्मा एक निजी कंपनी के लिए ग्राफिक्स डिजाइनिंग करती हैं। दोनों बहनों को ट्रैकिंग का शौक था और इससे पूर्व वह नेपाल और भारत के विभिन्न ट्रैक पर सफल ट्रैकिंग कर चुकी थी।
दो माह पूर्व दीपिका व वर्तिका फूलों की घाटी सहित हेमकुंड साहेब की ट्रैकिंग करके लौटी थी। इससे पूर्व एक साल पहले अतुल वर्मा और उनकी दोनों बहनों ने अपने दोनों दोस्तों के साथ उत्तरकाशी के मोरी के केदारकांठा पर सफल ट्रैकिंग की थी। दोनों बहनें नेपाल में भी कई स्थानों पर ट्रैकिंग कर चुकी हैं। वर्मा ने बताया कि दोनों बहनों ने ट्रैकिंग से संबंधित हर सुविधाओं को अपने पास रखा हुआ था। दोनों के सुरक्षित लौटने की उम्मीद के साथ वह उत्तरकाशी पहुंचे थे।
केदारताल ट्रैक पर फंसे आठ ट्रैकर्स की तलाश में जुटी एसडीआरएफ की टीम को दो शव मिले हैं। जिनमें एक महिला और दूसरा पुरुष है। अन्य छह लोगों को ढूंढने के लिए नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) व एसडीआरएफ की हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम ने अभियान जारी रखा है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि एसडीआरएफ को दो शव मिले हैं।
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पांच दिन पूर्व केदारताल ट्रैक पर कच्ची ढांग के समीप फंसे आठ ट्रैकर्स की तलाश करने के लिए एसडीआरएफ व निम की टीम ने मौसम खुलने पर मंगलवार को समुद्रतल से करीब चार हजार मीटर की ऊंचाई पर रेस्क्यू अभियान चलाया। इस दौरान टीम को एक महिला और एक पुरुष का शव मिला। यह शव फंसे हुए ट्रैकर्स के ही बताए जा रहे हैं। बुधवार को दोनों शवों को हेलिकॉप्टर के माध्यम से हर्षिल हेलीपैड लाया जाएगा। वहीं, दो शवों के मिलने के बाद अब अन्य लोगों के जीवित होने की संभावनाएं भी धूमिल होती नजर आ रही है।