Khanpur Firing Case : उत्तराखंड के खानपुर फायरिंग मामले (Khanpur Firing Case) में सोमवार को नया मोड़ सामने आया है। लंढौरा के राजा और पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody for 14 Days) में जेल भेज दिया गया, जबकि खानपुर विधायक उमेश कुमार (Khanpur MLA Umesh Kumar) को जमानत मिल गई है। उमेश कुमार की जमानत पर सुनवाई के दौरान प्रणव सिंह चैंपियन (Pranav Singh Champion) के वकील ने अदालत से कहा कि पुलिस ने विधायक के खिलाफ सही से कार्रवाई नहीं की और जमानती धाराएं लगाईं।
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हरिद्वार की अदालत ने कुंवर प्रवण सिंह चैंपियन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें हरिद्वार जेल भेज दिया गया। दूसरी ओर कोर्ट ने खानपुर के विधायक उमेश कुमार को राहत देते हुए जमानत दे दी। उन्हें 40-30 हजार के दो जमानती मुचलके पर बेल मिली। इस दौरान प्रवण चैंपियन के वकील ने पुलिस द्वारा उमेश कुमार पर की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए।
जानें क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि पिछले काफी दिनों से पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन (Former MLA Raja Kunwar Pranav Singh Champion) और खानपुर विधायक उमेश कुमार (Khanpur MLA Umesh Kumar) के बीच आपसी रंजिश है। दोनों के बीच गाली-गलौज और धमकी देने का सिलसिला जारी है। राजा के एक सोशल मीडिया पोस्ट पर उमेश कुमार अपने लोगों के साथ 25 जनवरी की रात में चैंपियन के घर पहुंचे, जब चैंपियन नहीं मिले तो वो वापस लौट आए। अगले दिन बदला लेने के लिए प्रवण सिंह चैंपियन 26 जनवरी को उमेश कुमार के घर पहुंचे।
प्रणव सिंह गिरफ्तार
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आरोप है कि कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन (Kunwar Pranav Singh Champion)और उनके समर्थकों ने उमेश कुमार के दफ्तर पर फायरिंग की। इस घटना से आक्रोशित उमेश कुमार हाथ में पिस्टल लेकर दौड़े और गोलियां चलाईं। इस मामले में पुलिस ने प्रणव सिंह चैंपियन को गिरफ्तार किया और उमेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
प्रणव सिंह चैंपियन और उनके परिवार के 9 हथियारों के लाइसेंस रद्द
फायरिंग मामले में हरिद्वार के डीएम कर्मेंद्र सिंह ने एक्शन लेते हुए प्रणव सिंह, देवयानी सिंह और उनके पुत्र दिव्य प्रताप सिंह के नाम से जारी 9 हथियारों के लाइसेंस निरस्त कर दिए। साथ ही जिलाधिकारी ने कारण बताओ नोटिस भी जारी किया। जिलाधिकारी ने शस्त्र लाइसेंस अनुज्ञाओं की शर्तों का उल्लंघन किए जाने और कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए यह कार्रवाई की।