प्रयागराज। प्रयागराज महाकुंभ (Prayagraj Mahakumbh) के दौरान उत्तराखंड के जोशीमठ स्थित ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज (Swami Avimukeshwarananda Maharaj, Shankaracharya of Jyotirmath at Joshimath, Uttarakhand) ने छह ब्रह्मचारियों को दंडी संन्यासी की दीक्षा दी थी। इनके नाम प्रत्यक्चैतन्यमुकुन्दानन्दगिरि, अप्रमेयशिवसाक्षात्कृतानन्दगिरि, भूताद्युदितानन्दपर्वतः , श्रीनिधिरव्ययानन्द सागर, केशवेश्वरानन्दः सरस्वती, असम्भवसम्भवानन्दः सरस्वती हैं।
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महाकुंभ के अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर जी ने 6 ब्रह्मचारियों को दंडी संन्यासी की दीक्षा दी।
१- प्रत्यक्चैतन्यमुकुन्दानन्दगिरिः२- अप्रमेयशिवसाक्षात्कृतानन्दगिरिः
३- भूताद्युदितानन्दपर्वतः
४- श्रीनिधिरव्ययानन्द सागरः
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५- केशवेश्वरानन्दः सरस्वती
६-… pic.twitter.com/WwTw4YCWLi
— 1008.Guru (@jyotirmathah) January 31, 2025
बता दें कि महाकुंभ में ब्रह्मचारियों के अखाड़ों में दीक्षा समारोह होते हैं। आदि गुरु शंकराचार्य की परंपरा के मुताबिक, चतुर्नाम के ब्रह्मचारी इन अखाड़ों में रहते हैं। इन अखाड़ों में चारों वेदों का अध्ययन किया जाता है।