An AIMIM leader hit back at Ramdev's statement, saying, "Your ancestor is Adam; come back to the fold—we will offer Namaz together and eat biryani too
नई दिल्ली। AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर योग गुरु बाबा रामदेव ने प्रतिक्रिया देते हुए मुस्लिम समुदाय से अपने इतिहास को समझने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि मुस्लिम समुदाय के पूर्वज भी भारतीय ऋषि-ऋषिकाएं और राम-कृष्ण रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि लोग अपने मूल पूर्वजों से जुड़ेंगे तो खुद को कमजोर महसूस नहीं करेंगे। क्योंकि हिंदुस्तान के सारे मुसलमान कंवर्टेड है। रामदेव के इस बयान पर AIMIM के नेता शौकत अली ने पलटवार किया है। शौकत ने कहा है कि हमारे और तुम्हारे पूर्वज अब्बा आदम हैं,और आपने अपना धर्म बदल लिया। घर वापसी करिए,क्या मज़ा आयेगा जब हम मिलकर नमाज़ भी पढ़ेंगे और बिरयानी भी खाएंगे।
मथुरा में रामदेव ने दिया था बयान
रामदेव बुधवार को मथुरा के बरसाना में चल रही पंडित प्रदीप मिश्रा की श्रीशिव महापुराण कथा में शामिल होने पहुंचे थे। यहां बाबा रामदेव ने ओवैसी के इस बयान कि देश में कोई नहीं चाहता कि मुसलमानों की अपनी राजनीतिक आवाज हो, पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हिंदू और मुसलमान मिलकर रहेंगे तो दोनों मजबूत होंगे और देश भी मजबूत बनेगा। इसके साथ ही योग गुरु बाबा रामदेव ने समसामयिक मुद्दों और राजनीति को लेकर बयान दिए। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के राम और शिव को लेकर दिए गए बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि भगवान के नाम पर भेदभाव नहीं फैलाया जाना चाहिए।
रेवंत रेड्डी की टिप्पणी पर भी बाबा रामदेव ने जवाब दिया था
रेवंत रेड्डी की टिप्पणी पर बाबा रामदेव ने कहा कि सनातन धर्म युगों से अस्तित्व में है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने पहले सनातन को जाति, वर्ग और समुदाय के नाम पर बांटने का काम किया। अब वे कह रहे हैं कि राम अमीरोंके भगवान हैं और शिव गरीबों के। राम, कृष्ण, हनुमान, शिव, भगवती, उमा-महेश्वर, लक्ष्मी-नारायण, सीताराम और राधा-कृष्ण में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवान के नाम पर भ्रम और भेदभाव के बीज नहीं बोने चाहिए। उन्होंने लोगों से सनातन धर्म के नाम पर भेदभाव से बचने की अपील की।
युवाओं से भी अपील की थी
बाबा रामदेव ने युवाओं और आम लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली फूहड़ रील और अश्लील फल्मिों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा ऐसी सामग्री देखने में अपना समय बर्बाद कर रहे हैं, जिससे समाज का सांस्कृतिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा है। उन्होंने लोगों से अपनी संस्कृति और भक्ति मार्ग से जुड़ने का आग्रह किया।