Maha Shivratri 2026 : भगवान शिव की आराधना का सबसे बड़ा पर्व महाशिवरात्रि शिव भक्तों के लिए वरदान होता है। भोलेनाथ और माता पार्वती की कृपा पाने के लिए इस साल 15 फरवरी रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन शिव भक्त शिवालयों में जाते है और रात भर शिव महिमा का गान करते है। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार,इस दिन ग्रहों का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस रात जागकर चार प्रहर की पूजा, मंत्र जप, और ध्यान करने से आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति और पापों का नाश होता है।
पढ़ें :- Maha Shivratri 2026 : महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ को अपनी राशि के अनुसार इन चीजों से करें अभिषेक, बरसेगी की शिव की कृपा
महाशिवरात्रि तिथि: रविवार, 15 फरवरी, 2026
निशिता काल पूजा: 15 फरवरी की रात लगभग 11:52 बजे से 16 फरवरी की रात लगभग 12:42 बजे तक।
पराना (उपवास तोड़ना): सोमवार, 16 फरवरी, 2026, सूर्योदय के बाद (लगभग 6:33 पूर्वाह्न)।
धर्म शास्त्रों के अनुसार,महाशिवरात्रि उस रात का प्रतीक है जब भगवान शिव ने ब्रह्मांडीय नृत्य (तांडव) किया था और इसे आध्यात्मिक विकास, ध्यान और दिव्य चेतना का अनुभव करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसी प्रकार महाशिवरात्रि दिव्य चेतना और शिव तत्व में विश्राम की सर्वोच्च रात्रि है, जो अज्ञान के अंधकार को मिटाकर आत्मा के ज्ञानोदय, संतुलन और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है।
मनोकामना पूर्ति: उपवास, साधना और ध्यान के द्वारा, भक्त अपनी चेतना को ऊपर उठाते हैं, जिससे आंतरिक शांति और मनोकामनाओं की सहज पूर्ति होती है।