नई दिल्ली। कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा (Pawan Khera) ने गुरुवार को दिल्ली आतंकी हमले पर प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि संसद और राष्ट्रपति भवन के बेहद पास, लाल किले के नजदीक एक विस्फोट हुआ, जिसमें 13 लोगों की जान चली गई। इस विस्फोट में जान गंवाने और घायल होने वाले लोगों के साथ हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं हैं। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि इस घटना के 48 घंटे बाद कैबिनेट ने माना कि ये एक आतंकी घटना है। ऐसे में गंभीर सवाल उठते हैं।
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फरीदाबाद में 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री कैसे पहुंच गई?
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उन्होंने कहा कि सवाल है इतनी सुरक्षा एजेंसियां हैं, अमित शाह हैं, अजित डोभाल हैं, जो कहते हैं कि हमारी पैनी नजर बनी हुई है। फिर भी फरीदाबाद में 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री कैसे पहुंच गई? हम पुलवामा हमले में सवाल पूछते रहे कि RDX कैसे पहुंचा? उसका जवाब आज तक नहीं मिला। अब राजधानी दिल्ली से 20 किलोमीटर दूर 2,900 किलो विस्फोटक पहुंच गया, सवाल है- कैसे पहुंचा? फिर लाल किले के पास धमाके में लोगों की जान जाती है, लोग घायल होते हैं, आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन ले रहा है? ये सवाल पूरे देश के हैं और हम कहते रहे हैं कि सरकार कड़े कदम उठाए, हम उनके साथ हैं।
संसद का सत्र जल्दी बुलाया जाए, क्योंकि ये एक गंभीर मुद्दा है
पवन खेड़ा ने कहा कि दिल्ली के आतंकी हमले से जुड़े कई सवाल हैं। यह विस्फोट कैसे हुआ? किस स्तर पर विफलता हुई? इस विफलता की जिम्मेदारी कौन लेगा? देश की राजधानी में हमला हुआ है। ऐसे में हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। संसद का सत्र जल्दी बुलाया जाए, क्योंकि ये एक गंभीर मुद्दा है। इस मामले में सरकार एक मजबूत स्टैंड ले, हम सरकार के साथ खड़े हैं।
मोदी सरकार की नाकामी का बोझ
कब तक ढोएगी निर्दोष जनता pic.twitter.com/hZ6oqlyGpD— Congress (@INCIndia) November 13, 2025
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पहलगाम के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार ने कहा था कि किसी भी आतंकी हमले को ‘एक्ट ऑफ वॉर’ माना जाएगा। हम ये जानना चाहते हैं- सरकार इस हमले को किस तरह से देख रही है.. क्योंकि इस हमले को बाहरी ताकतों के द्वारा समर्थन, ताकत और प्रेरणा मिल रही है।