कोच्चि। कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Kochi International Airport) पर आज सुबह एक अत्यंत दुखी माहौल देखा गया, जब कुवैत के ‘मंगफ’ में हुए भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले 20 भारतीय नागरिकों के मृत शरीर लेकर भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) का एक विशेष विमान उतरा । हवाई अड्डे के टरमैक पर ही पार्थिव शरीरों को पूरे राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया गया। केरल के वर्तमान मुख्यमंत्री ‘पिनारई विजयन’ (Chief Minister Pinarayi Vijayan) केंद्रीय मंत्रियों और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर के पीड़ितों को अंतिम विदाई दी। जान गंवाने वाले सभी नागरिक मुख्य रूप से केरल, तमिलनाडु और उत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों के रहने वाले थे।
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भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) का C-130J सुपर हर्कुलिस विमान (C-130J Super Hercules Aircraft) सुबह के समय कोच्चि पहुँचा और यहाँ 20 शवों को उतारने के बाद, सभी विमान अन्य पीड़ितों के पार्थिव शरीरों को उनके घरेलू राज्यों में पहुँचाने के लिए दिल्ली के लिए रवाना होंगे। हवाई अड्डे पर एंबुलेंस का एक बड़ा बेड़ा तैनात किया गया था। राज्य पुलिस ने एक ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाया है ताकि पार्थिव शरीरों को उनके पैतृक गांवों तक बिना किसी देरी के सम्मानपूर्वक पहुंचाया जा सके।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि कुवैती अधिकारियों के साथ तालमेल कर सभी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया गया, ताकि पीड़ित परिवार जल्द से जल्द अंतिम संस्कार कर सकें।
यह हादसा कुवैत के ‘मंगफ’ में एक बहुमंजिला आवासीय इमारत में हुआ था, जहाँ सैकड़ों विलायती मजदूर रहते थे। शुरुआती जांच में ही शॉर्ट सर्किट और इमारत में अग्नि सुरक्षा मानकों की नज़रअंदाज़ी को इस भारी जन-क्षति का मुख्य कारण बताया गया है। कुवैत सरकार ने इमारत के मालिक की लापरवाही के खिलाफ सख्त जांच करवाने का वादा किया है, वहीं भारतीय दूतावास ‘कुवैत सिटी’ के अस्पतालों में भर्ती हुए अन्य घायल भारतीयों के स्वास्थ्य पर लगातार नज़र रख रहा है।
रिपोर्ट : सुशील कुमार साह