Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. मध्य प्रदेश
  3. अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रतिष्ठित होगा एमपी का ओरछा

अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रतिष्ठित होगा एमपी का ओरछा

By Shital Kumar 
Updated Date

भोपाल : मध्यप्रदेश का ओरछा, अब वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर ओरछा को प्रतिष्ठित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार ने ओरछा में पर्यटन अधोसंरचनाओं और सुविधाओं के विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना 2.0 में 25 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृति की है।

पढ़ें :- कलयुगी बेटे ने पहले कुल्हाड़ी से काटा मां के दोनों हाथ, बचाने आए पिता के सिर पर किया वार, भाई को कुएं फेक घर को बनाया कत्लखाना

स्वीकृत राशि से ओरछा में टूरिस्ट एक्सपीरियंस सेंटर, हुनरशाला, एंट्री प्लाजा के साथ यात्रा पथ का विकास किया जाएगा। इसके पहले दिसंबर माह में विरासतों के संरक्षण और संग्रहालयों के विकास आदि के लिए 99.92 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए थे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2027-28 में ओरछा को यूनेस्को विश्व धरोहर के रूप में मान्यता दिए जाने के लिए केंद्र सरकार ने यूनेस्को को सिफारिश की है। साथ ही ओरछा को यूनेस्को की एच.यू.एल. (हिस्टोरिकल अर्बन लैंडस्केप) पहल के तहत चुना गया है।

प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड   शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने “स्वदेश दर्शन 2.0” उप-योजना के तहत चैलेंज्‍ड बेस्‍ड डेस्‍टिनेशन डेवलपमेंट पहल शुरू की है, जिसका उ‌द्देश्य पूरे देश में पर्यटन स्थलों का विकास करना है। इस योजना में, 50 स्थलों (प्रत्येक राज्य में अधिकतम 5) को विकास के लिए चुना जाना है। इसी के तहत ओरछा को आध्यात्मिक गंतव्य स्थल की श्रेणी में चुना गया है। ओरछा में पर्यटकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ शहर के सौंदर्यीकरण, ऐतिहासिक विरासतों के संरक्षण और स्थानीय कलाकारों और संस्कृति का संरक्षण किया जाएगा। इससे ओरछा में देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और स्थानीय समुदाय को भी आर्थिक लाभ मिलेगा।

योजना में ओरछा में किए जाने वाले कार्य

ओरछा शहर की आधारभूत संरचना में सुधार।

पढ़ें :- UGC Regulations 2026 : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और यूजीसी से जवाब मांगा, अगले आदेश तक 2012 वाले नियम लागू

प्रवेश द्वारों का संरक्षण एवं पुलों का जीर्णोद्धार।

संग्रहालय के आसपास व शहर की सड़कों को जोड़ना। यहां ई-कार्ट पार्किंग, चार्जिंग स्टेशन सुविधाएं, साइनेज आदि विकसित करना।

स्मारकों को जोड़ने वाले मार्गों का विकास।

प्रोजेक्शन मैपिंग और स्‍थानिय कलाकारों द्वारा लाइव परर्फामेंस।

क्यूआर आधारित वॉक ऐप विकसित करना।

पढ़ें :- UGC के नए नियम के विरोध की आग में खुद जल रही है BJP, प्रदेश में कई नेताओं का इस्तीफों का दौर है जारी

सड़क पर रोशनी और हेरिटेज लाइटिंग।

गढ़ परिसर के अंदर मंदिर/स्मारकों का संरक्षण।

संग्रहालयों का विकास।

आधुनिक शौचालयों का निर्माण व मेला ग्राउंड का विकास।

शॉपिंग एरिया का विकास।

पढ़ें :- Padma Awards 2026 : गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों का एलान, इन नायकों को मिलेगा पद्म सम्मान, देखें लिस्ट
Advertisement