Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. बिहार
  3. नालंदा मंदिर भगदड़ में 8 मौतों के बाद एक्शन: पंडा समेत 4 गिरफ्तार, 40 पर केस दर्ज

नालंदा मंदिर भगदड़ में 8 मौतों के बाद एक्शन: पंडा समेत 4 गिरफ्तार, 40 पर केस दर्ज

By हर्ष गौतम 
Updated Date

बिहार, पर्दाफाश।  नालंदा शीतला माता मंदिर में मंगलवार को हुई भगदड़ के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे थे, जिसके चलते अब जिम्मेदार लोगों पर शिकंजा कसा जा रहा है।

पढ़ें :- बिहार: नालंदा में शीतला माता मंदिर में भगदड़, 8 महिलाओं की मौत, कई घायल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने मामले में एक पंडा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर भीड़ प्रबंधन में लापरवाही बरतने और अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इस मामले में पुलिस ने कुल 40 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें 20 नामजद और 20 अज्ञात आरोपी शामिल हैं। पुलिस अब सभी आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी हुई है और घटना के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य सरकार के मंत्री Shravan Kumar ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। साथ ही उन्होंने लोगों से अफवाहों से दूर रहने की भी अपील की है।

यह हादसा मंगलवार को मंदिर परिसर में अत्यधिक भीड़ के कारण हुआ था, जहां अचानक भगदड़ मच गई। इस दौरान 8 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल भी हुए। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिसके चलते स्थिति बिगड़ गई और यह बड़ा हादसा हो गया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह घटना एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की गंभीर चुनौती को उजागर करती है।

पढ़ें :- 'आखिर मैं क्या करूं? परिवार को देखूं या फिर पार्टी को...' तेजस्वी यादव बैठक में हुए भावुक, नहीं बनना चाहते थे नेता प्रतिपक्ष
Advertisement