नई दिल्ली। भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Indian-origin astronaut Sunita Williams) सहित अंतरिक्ष स्टेशन पर फंसे नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) के दो अंतरिक्ष यात्रियों को निर्धारित समय से थोड़ा पहले पृथ्वी पर वापस लाया जा सकता है। यह जानकारी अमेरिकी स्पेस एजेंसी (US Space Agency) ने दी है। सुनीता विलियम्स ( Sunita Williams) और बुच विल्मोर (Butch Wilmore) पिछले साल जून से बोइंग के स्टारलाइनर की तकनीकी समस्याओं के कारण अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं, जो उन्हें आईएसएस (ISS) तक ले गया था।
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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने मंगलवार को कहा कि ‘स्पेसएक्स’ आगामी अंतरिक्ष यात्री उड़ानों के लिए कैप्सूल बदलेगा, ताकि बुच विल्मोर और सुनी (सुनीता विलियम्स) को मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत के बजाय मार्च के मध्य में वापस लाया जा सके। वे आठ महीने से ज्यादा समय से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर फंसे हुए हैं।
नासा (NASA) ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी का क्रू-10 लॉन्च अब मिशन की तैयारी और एजेंसी की उड़ान तैयारी प्रक्रिया के प्रमाणीकरण के पूरा होने के बाद 12 मार्च को लक्षित है। क्रू-9 मिशन के नए आए क्रू-10 चालक दल के साथ कई दिनों की हैंडओवर अवधि के बाद पृथ्वी पर लौटने की योजना बनाई गई है। इस मिशन में विलियम्स, विल्मोर, नासा (NASA) के अंतरिक्ष यात्री निक हेग के साथ-साथ रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोर्बुनोव शामिल हैं। क्रू-10 की पिछली लॉन्च तिथि मार्च के अंत की थी।
क्रू-10 मिशन नासा (NASA) के अंतरिक्ष यात्रियों ऐनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री ताकुया ओनिशी और रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री किरिल पेसकोव को अंतरिक्ष स्टेशन तक ले जाएगा। नासा के अनुसार, क्रू-10 मिशन के लिए नए ड्रैगन अंतरिक्ष यान को उड़ाने के लिए एजेंसी की मूल योजना को समायोजित करने के मिशन प्रबंधन के निर्णय के बाद पहले लॉन्च का अवसर उपलब्ध है, जिसके लिए अतिरिक्त प्रसंस्करण समय की आवश्यकता होती है।
उड़ान अब पहले उड़ाए गए ड्रैगन का उपयोग करेगी और संयुक्त टीमें अंतरिक्ष यान के पहले उड़ाए गए हार्डवेयर के आकलन को पूरा करने के लिए काम कर रही हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह एजेंसी के वाणिज्यिक क्रू कार्यक्रम की सुरक्षा और प्रमाणन आवश्यकताओं को पूरा करता है।
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नासा (NASA) के वाणिज्यिक क्रू प्रोग्राम के प्रबंधक स्टीव स्टिच ने एक बयान में कहा, ‘अंतरिक्ष यात्रा अप्रत्याशित चुनौतियों से भरी हुई है।’ परीक्षण पायलटों को जून में बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल पर वापस लाया जाना था। लेकिन कैप्सूल को अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचने में इतनी परेशानी हुई कि नासा (NASA) ने इसे खाली वापस लाने का फैसला किया।
इसके बाद स्पेसएक्स ने अधिक तैयारियों की आवश्यकता के मद्देनजर नए कैप्सूल को भेजने में देरी कर दी, जिसकी वजह से विल्मोर और विलियम्स को वापस लाने के मिशन में और देर हुई। अब 12 मार्च को नए कैप्सूल का प्रक्षेपण किया जाएगा। इस पुराने कैप्सूल को पहले ही एक निजी चालक दल को सौंप दिया गया है।