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निशांत कुमार ने पिता की विरासत संभालते हुए राजनीति में की एंट्री, जेडीयू ने दिया नया नारा ‘युवा सोच, मजबूत संकल्प’

By संतोष सिंह 
Updated Date

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के बेटे निशांत कुमार (Nishant Kumar) ने जेडीयू (JDU) की सदस्यता रविवार को पार्टी कार्यालय में ली। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनका जबरदस्त स्वागत किया। जेडीयू (JDU) ने निशांत की एंट्री पर नया नारा दिया ‘युवा सोच.. मजबूत संकल्प’। निशांत की ज्वाइनिंग के लिए प्रदेश जदयू कार्यालय में बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता पहुंचे थे। जबकि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह (Union Minister Lallan Singh) ने पार्टी का अंग वस्त्र प्रदान किया। पार्टी की सदस्यता लेने के बाद निशांत ने ललन सिंह और संजय झा के पैर छुए।

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राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा (National Executive President Sanjay Jha) ने निशांत कुमार (Nitish Kumar) को जदयू की सदस्यता दिलाई। इस दौरान ललन सिंह और उमेश कुशवाहा समेत तमाम बड़े चेहरे मौजूद थे। हालांकि खुद नीतीश कुमार (Nitish Kumar)  ने कार्यक्रम से दूरी बनाई।  निशांत कुमार (Nishant Kumar) ने जनता दल (यूनाइटेड) पार्टी की सदस्यता लेने के बाद कहा, कि मैं सभी का शुक्रिया अदा करता हूं। आप सभी ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उस पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा। बिहार और देश के लिए मेरे पिता ने पिछले 20 सालों में जो किया है, मुझे उस पर गर्व है।

जदयू में आज से निशांत युग शुरू

एक तरह से जदयू में निशांत युग की आज से शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar)  के राज्यसभा में जाने के फैसले के बाद बिहार की राजनीति में नया बदलाव हो रहा है। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ देंगे और नया सीएम बिहार को मिलेगा। वहीं जदयू में भी बड़े बदलाव हो रहे हैं। बता दें कि पिछले 1 साल से निशांत को लेकर यह चर्चा हो रही थी कि राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगे। अब जदयू की सदस्यता लेकर विधिवत इसकी शुरुआत हो गई है।

उन्होंने कहा कि इस मौके पर यहां पहुंचे नेता-कार्यकर्ताओं को बहुत-बहुत धन्यवाद। वे पार्टी को मजबूत करने और आगे बढ़ाने की भरपूर कोशिश करेंगे। निशांत कुमार (Nishant Kumar) ने कहा कि पापा (Nitish Kumar) ने बीस साल में जो काम किया है उसे घर घर पहुंचाने का वे काम करेंगे। जनता के दिल में जगह बनाएंगे और जदयू के कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि पापा पर विश्वास रखिए। मैं लोगों के हृदय में बसने की कोशिश करूंगा। पार्टी कार्यालय जाने से पहले निशांत हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना किया, जिसके बाद वे आधिकारिक रूप से जदयू (JDU) का हिस्सा बने। अब सियासी गलियारों में निशांत कुमार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद देने की चर्चा तेज हो गई है।

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उधर, निशांत कुमार (Nishant Kumar) के जदयू में शामिल होते ही पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच खुशी देखने के लिए मिली। इस दौरान बिहार के अलग अलग जिलों से आये हजारों समर्थकों की भारी भीड़ निशांत को पार्टी में शामिल किये जाने की ख़ुशी में पटना की सड़कों पर उमड़ी। जदयू (JDU) कार्यालय कार्यकर्ताओं की भीड़ से खचाखच भरा रहा और कार्यकर्ताओं ने जिंदाबाद के नारे भी लगाए। कार्यालय के बाहर निशांत कुमार (Nishant Kumar) के पोस्टर लगाए गए हैं और कार्यकर्ता गुलाब के गुलदस्ते लेकर उनके स्वागत की तैयारी में जुटे थे। जश्न के माहौल को देखते हुए हाथी, घोड़े और ऊंट भी लाए गए थे। कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और निशांत कुमार (Nishant Kumar) के समर्थन में जोरदार नारेबाजी करते नजर आए। पूरे जोश के साथ कार्यकर्ता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और निशांत कुमार (Nishant Kumar)के लिए जमकर नारेबाजी करते दिखे।

निशांत कुमार (Nishant Kumar) ने जदयू कार्यालय पहुंचने पर सादगी का उदाहरण भी पेश किया। दरअसल, निशांत कुर्ता-पजामा और हवाई चप्पल में पहुंचे थे। इस दौरान ‘बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो, निशांत कुमार (Nishant Kumar)जैसा हो’ के नारे लगे। निशांत कुमार (Nishant Kumar) के जदयू कार्यालय पहुंचते ही फूलों की बारिश के साथ उनका स्वागत किया गया। निशांत जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के साथ कार्यालय पहुंचे थे। इतना ही नहीं, निशांत कुमार (Nishant Kumar) के स्वागत के लिए जदयू कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। निशांत कुमार की सादगी को देखकर जदयू के नेता और कार्यकर्ता उनकी तारीफ करते दिखे। नेताओं का कहना है कि निशांत बेहद शांत स्वभाव के हैं। सरल, सीधा और धैर्य के साथ काम करने वाले इंसान हैं। उनमें सारे गुण व्याप्त हैं। निशांत कुमार (Nishant Kumar) अपने पिता नीतीश कुमार (Nitish Kumar)  की छवि है। ऐसे में आज उनके जदयू में शामिल होने से नई उम्मीद जगी है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar)  के इकलौते पुत्र निशांत अक्सर सार्वजनिक जीवन से दूर रहने के लिए जाने जाते हैं। शांत स्वभाव और सादगीपूर्ण जीवनशैली के कारण वे राजनीति में कम दिखाई देते हैं, लेकिन समय-समय पर उनके बारे में चर्चा होती रहती है। निशांत कुमार का जन्म बिहार की राजधानी पटना में वर्ष 1975 में हुआ था। वर्ष 2026 के अनुसार उनकी उम्र लगभग 50 वर्ष के आसपास मानी जाती है। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और झारखंड के प्रसिद्ध तकनीकी संस्थान बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मेसरा (BIT Mesra) से बीटेक की डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कॉरपोरेट या राजनीति में सक्रिय कैरियर बनाने के बजाय अपेक्षाकृत निजी और शांत जीवन जीना पसंद किया। निशांत कुमार (Nishant Kumar) की माता का नाम मंजू सिन्हा था, जो पेशे से शिक्षिका थीं। उनका निधन वर्ष 2007 में हो गया था। इसके बाद से निशांत अपने पिता के काफी करीब माने जाते हैं और कई मौकों पर उनके साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी नजर आते हैं। हालांकि वे सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखते थे, फिर भी बिहार की राजनीति में उनका नाम अक्सर चर्चा में रहा। अब वे अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभाल रहे हैं। फिलहाल निशांत कुमार (Nishant Kumar) धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में रुचि रखते हैं। वे अक्सर मंदिरों में दर्शन के लिए जाते दिखाई देते हैं और मीडिया से भी कम ही बातचीत करते हैं।

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