पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar Chief Minister Nitish Kumar) के राज्यसभा में नामांकन के बीच उनके इकलौते बेटे निशांत कुमार (Nishant Kumar) के सक्रिय राजनीति में आने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब तक सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखने वाले निशांत कुमार (Nishant Kumar) को लेकर माना जा रहा है कि वे जल्द ही औपचारिक राजनीतिक भूमिका में दिखाई दे सकते हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषक तो यहां तक कयास लगा रहे हैं कि वे डिप्टी सीएम के रूप में अपनी पारी की शुरुआत कर सकते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विपरीत, निशांत कुमार (Nishant Kumar) ने हमेशा लो-प्रोफाइल जीवन शैली अपनाई है। वे न तो बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहे हैं और न ही मीडिया की सुर्खियों में दिखाई दिए हैं। हालांकि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां संकेत दे रही हैं कि आने वाले समय में उनकी भूमिका बदल सकती है। जेडीयू के अंदरूनी हलकों में भी इस संभावना पर चर्चा हो रही है कि पार्टी नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव की तैयारी की जा रही है।
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पेशे से इंजीनियर हैं निशांत कुमार
निशांत कुमार (Nishant Kumar) पेशे से इंजीनियर हैं। उन्हें पढ़ा-लिखा एवं गंभीर व्यक्तित्व का धनी माना जाता है। उन्होंने रांची के प्रतिष्ठित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की है। तकनीकी पृष्ठभूमि और शांत स्वभाव को उनके समर्थक उनकी ताकत मानते हैं। जून 2025 में जेडीयू के महासचिव परम हंस कुमार ने सार्वजनिक रूप से निशांत कुमार को राजनीति में आने की सलाह दी थी। उनका कहना था कि मौजूदा हालात में पार्टी और राज्य के हित में युवा नेतृत्व को आगे आना चाहिए। उन्होंने निशांत को शांत, विनम्र और दूरदर्शी बताते हुए कहा था कि वे प्रभावी युवा नेता साबित हो सकते हैं।
नीतीश कुमार की राज्यसभा जाने की तैयारी
इधर, यह भी चर्चा है कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar)राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार कोई व्यक्ति एक साथ दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता, ऐसे में उन्हें राज्यसभा सदस्य बनने के लिए मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा। सूत्रों के मुताबिक वे नामांकन दाखिल करने की तैयारी में हैं और 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव तक पद पर बने रह सकते हैं।
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बिहार में भाजपा का बनेगा मुख्यमंत्री?
यदि वे पद छोड़ते हैं तो बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर समीकरण बदल सकते हैं। माना जा रहा है कि सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के किसी नेता को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, हालांकि इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।