Noida International Airport : दुनिया की रफ्तार के साथ तालमेल मिलाने के लिए उत्तर प्रदेश के जेवर में स्थित ‘नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ तैयार है। आधुनिक युग की पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान लेकर यह नया एयरपोर्ट यात्रियों के लिए तैयार है। जहां यह हवाई अडडा भारत विमानन क्षेत्र में एक ‘मील का पत्थर’ स्थापित करने जा रहा है, वहीं यह एशिया महादेश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा होने जा रहा है। 29 हजार करोड़ के इस मेगा प्रोजेक्ट से दिल्ली एयरपोर्ट का बोझ कम होगा। पहले चरण में यहां से रोज 150 फ्लाइट्स उड़ान भरेंगी और सालाना 1.2 करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे। यह एयरपोर्ट आपके हवाई सफर को बेहद आसान बनाने वाला है।
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‘नेट जीरो एमिशन’
यह एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का दूसरा सबसे प्रमुख यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर का दूसरा प्रमुख हवाई अड्डा होगा, जिससे ‘इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बोझ कम हो जाएगा । इस प्रोजेक्ट से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसके आसपास ‘इंडस्ट्रियल हब’ और ‘स्मार्ट सिटी’ का तेजी से विस्तार भी हो रहा है। इस एयरपोर्ट को सीधे तौर पर दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल, फिल्म सिटी और एक्सप्रेसवे से जोड़ा गया है। साथ ही, पॉड टैक्सियों का संचालन भी जल्द शुरू होगा। यह देश का पहला ‘नेट जीरो एमिशन’ (जो अपनी गतिविधियों से पैदा होनेवाले ग्रीनहाउस गैसों, जैसे कार्बनडाइऑक्साइड को कम करता है और संतुलन बनाये रखता है ) एयरपोर्ट है, जो पूरी तरह सौर ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल तकनीक पर आधारित है।
आराम और संस्कृति का संगम
जहां तक पैसेंजर्स को मिलने वाली सहूलियतों की बात है तो इस एयरपोर्ट पर ये सहूलियतें सिर्फ चेक-इन, सिक्योरिटी और बोर्डिंग तक सीमित रह जाती हैं, बल्कि आपके हवाई सफर को यादगार बनाने के लिए यहां पर स्विस एफिशिएंसी और भारतीय आतिथ्य का अनूठा मेल कराया गया है। इस एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स को सुविधा, आराम और संस्कृति का ऐसा संगम मिलेगा, जो देश के अन्य एयरपोर्ट्स से इसे अलग बनाता है।
प्रभाव
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस एयरपोर्ट के शुरू होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और अलीगढ़ जैसे शहरों में रियल एस्टेट की कीमतों में बहुत ज्यादा उछाल आएगा और ‘उत्तर प्रदेश’ अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के मानचित्र पर मजबूती के साथ उभरकर सामने आएगा।
डिजिटल एयरपोर्ट , स्मार्ट सफर
नोएडा एयरपोर्ट पूरी तरह डिजिटल टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा, जिससे पैसेंजर्स को लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी। यहां सेल्फ बैग ड्रॉप कियोस्क, सेल्फ चेक-इन मशीन और सेल्फ बोर्डिंग गेट्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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फेस रिकग्निशन
इस एयरपोर्ट की खास बात यह है कि एयरपोर्ट के सभी गेट DigiYatra तकनीक से लैस होंगे, जिससे फेस रिकग्निशन के जरिए एंट्री से लेकर बोर्डिंग तक का सफर बेहद तेज और सुरक्षित हो जाएगा। यह सिस्टम न सिर्फ समय बचाएगा, बल्कि कॉन्ट्रैक्ट लेस भी होगा।
डिजिटल इंटीग्रेशन
डिजिटल इंटीग्रेशन के कारण एयरपोर्ट ऑपरेशंस ज्यादा बेहतर बनेंगे और पैसेंजर्स को बिना किसी झंझट टर्मिनल के एंट्री गेट से बोर्डिंग गेट तक अपना सफर पूरा कर सकेंगे।
रिपोर्ट : सुशील कुमार साह