AI Model Launched Advisory : भारत में एआई मॉडल लॉन्च करने से पहले केवल बड़ी टेक कंपनियों और सोशल मीडिया सब्सिडिरी को सरकार से अनुमति लेनी होगी। हालांकि, इस मामले में स्टार्टअप कंपनियों पर लागू नहीं होगा। यह जानकारी इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री, राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट के जरिए दी है।
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दरअसल, केंद्र सरकार ने पिछले हफ्ते एआई के दुरुपयोग (AI Misuse) पर बड़े इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की कड़ी आलोचना की थी। केंद्र सरकार ने कहा था कि मध्यस्थों को किसी तरह के पूर्वाग्रह या भेदभाव से बचना चाहिए। किसी भी तरह से चुनावी प्रक्रिया की अखंडता को खतरा नहीं होना चाहिए। इसी के साथ किसी भी एआई मॉडल को लॉन्च करने से पहले सरकार की अनुमति मायने रखेगी।
केंद्र की ओर से कहा गया था कि नई गाइडलाइन्स के साथ तुंरत काम करना होगा और प्लेटफॉर्मों को एक्शन टेकन कम स्टेटस रिपोर्ट मिनिस्ट्री को 15 दिनों के भीतर जमा करनी होगी। वहीं, अब इसी कड़ी में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री, राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) ने फैसले को लेकर एक नया अपडेट जारी किया है। राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि यह एडवाइजरी बिना परीक्षण किए एआई मॉडल (Untested AI Models) को इंडियन इंटरनेट पर लाने से रोकने के लिए लाई गई है।
उन्होंने कहा कि बिना टेस्ट किए प्लेटफॉर्म को लेकर एआई मॉडल लॉन्च करने से पहले अनुमति लेने की यह प्रक्रिया, लेबेलिंग प्लेटफॉर्म के लिए एक तरह से इंश्योरेंस पॉलिसी की तरह काम करेंगे। भारत में इंटरनेट को लेकर सुरक्षा और भरोसा सरकार के साथ-साथ प्लेटफॉर्म और यूजर्स का एक समान लक्ष्य है।