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मनमोहन सिंह के लिए अलग स्मारक की मांग पर भड़कीं प्रणब मुखर्जी की बेटी; कांग्रेस पर भेदभाव का लगाया आरोप!

By Abhimanyu 
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Manmohan Singh memorial controversy: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के लिए अलग स्मारक बनाने का प्रस्ताव दिया है। इस मामले में कांग्रेस को आरजेडी व अन्य दलों का भी समर्थन मिल रहा है। लेकिन, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने इस प्रस्ताव की आलोचना की है। साथ ही उन्होंने इशारों-इशारों में कांग्रेस पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है।

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प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाजपा नेता की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा, “जब बाबा का निधन हुआ, तो कांग्रेस ने शोक सभा के लिए कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाने की भी जहमत नहीं उठाई। एक वरिष्ठ नेता ने मुझे बताया कि राष्ट्रपतियों के लिए ऐसा नहीं किया जाता। यह बिलकुल बकवास है क्योंकि मुझे बाद में बाबा की डायरी से पता चला कि केआर नारायणन की मृत्यु पर कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई थी और शोक संदेश बाबा द्वारा ही तैयार किया गया था।”

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गौरतलब है कि राष्ट्रपति बनने से पहले प्रणब मुखर्जी, कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस की सरकार में रक्षामंत्री, वित्तमंत्री और विदेश मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 25 जुलाई 2012 को भारत के तेरहवें राष्ट्रपति के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। वहीं, 26 जनवरी 2019 को प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 31 अगस्त 2020 को 84 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था।

खरगे की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के स्मारक निर्माण के लिए पीएम मोदी को प्रस्ताव देने की भाजपा नेता सीआर केसवन ने सोशल मीडिया पर आलोचना की। साथ ही केसवन ने पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव का जिक्र भी किया, जिनका दिल्ली में स्मारक नहीं बनाया गया।

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