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Prayagraj News : फर्जी दस्तावेज लगाकर दो शिक्षक बने प्रधानाचार्य, मामले की जांच एसटीएफ से कराए जाने की संस्तुति

By santosh singh 
Updated Date

प्रयागराज। उत्तर-प्रदेश लोक सेवा आयोग (Uttar Pradesh Public Service Commission) के अनुभाग अधिकारी अजय कुमार सिंह (Section Officer Ajay Kumar Singh) ने सिविल लाइन थाने में दो शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज लगाकर दोनों प्रधानाचार्य पद पर चयनित हो गए।

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मामले की जांच एसटीएफ (STF) से कराए जाने की संस्तुति की गई है। तहरीर में कहा गया है कि राज्य/ प्रवर अधीनस्थ सेवा (सामान्य चयन) परीक्षा 2021 के आधार पर रश्मि कला (Rashmi Kala) और रामप्रकाश का चयन प्रधानाचार्य के पद पर हुआ था।

चयन के बाद अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत अध्यापन अनुभव प्रमाण पत्र का सत्यापन कराया गया। रश्मि कला (Rashmi Kala) ने स्वयं को विद्यासागर इंटर कालेज पूरे खुशहाल अभियां भदोही (Vidyasagar Inter College is completely happy Abhiyan Bhadohi) में 10 जुलाई 2016 से 31 मार्च 2020 तक सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत दिखाया था। जांच में वह फर्जी मिला। प्रमाण पत्र पर किए गए हस्ताक्षर भी फर्जी मिले।

इसी प्रकार राम प्रकाश के भी दस्तावेज में ऐसी ही गड़बड़ी सामने आई है। अजय सिंह की तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने धूमनगंज के मधुवन विहार कालोनी की रहने वाली रश्मि कला (Rashmi Kala) और कालिंदीपुरम राजरूपपुर (Kalindipuram Rajruppur) निवासी राम प्रकाश के खिलाफ धोखाधड़ी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

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