नई दिल्ली। जेफरी एपस्टीन फाइल्स (Jeffrey Epstein Files) में गंभीर खुलासों के बाद ब्रिटेन की राजशाही में एक बार फिर भूचाल आ गया है। किंग चार्ल्स के छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू उर्फ एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर (Andrew Mountbatten-Windsor) को विंडसर एस्टेट (Windsor Estate) स्थित अपने आलीशान घर रॉयल लॉज से बाहर कर दिया गया है। शाही सूत्रों के हवाले से बुधवार को यह जानकारी सामने आई।
पढ़ें :- 'विपक्ष की महिला सांसदों ने घेर ली पीएम मोदी की कुर्सी, नहीं दे पाए धन्यवाद प्रस्ताव पर भाषण', हंगामे से बिगड़ा माहौल
करीब 30 कमरों वाले जॉर्जियन शैली (Georgian Style) के इस बंगले में प्रिंस एंड्रयू (Prince Andrew) कई दशकों से रह रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, वह यहां और समय तक रुकना चाहते थे, लेकिन एपस्टीन (Epstein) से जुड़े नए आपत्तिजनक दस्तावेज सामने आने के बाद उन पर दबाव बढ़ गया। सोमवार रात वह अंधेरे में चुपचाप विंडसर से निकले और उन्हें किंग चार्ल्स (King Charles) की नॉरफॉक स्थित सैंड्रिंघम एस्टेट (Sandringham Estate) में एक कॉटेज में शिफ्ट कर दिया गया।
हाल के दिनों में प्रिंस एंड्रयू को विंडसर में घुड़सवारी करते हुए देखा गया था, लेकिन अब वह वहां नियमित रूप से नजर नहीं आएंगे। शाही सूत्रों के अनुसार, संक्रमण काल पूरा करने के लिए वह कुछ हफ्तों तक कभी-कभार विंडसर लौट सकते हैं। अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) की ओर से जारी नई एपस्टीन फाइल्स (Epstein Files) के बाद ब्रिटेन की थेम्स वैली पुलिस (Thames Valley Police) ने एंड्रयू के खिलाफ एक नए आरोप की समीक्षा शुरू कर दी है। हालांकि, प्रिंस एंड्रयू लगातार किसी भी तरह की गलत हरकत से इनकार करते रहे हैं।
गौरतलब है कि 2019 में एपस्टीन मामले के चलते उन्हें सभी शाही जिम्मेदारियों से हटा दिया गया था। इसके तीन साल बाद उन्होंने वर्जीनिया जिउफ्रे द्वारा दायर यौन शोषण (Sexual Abuse) के मुकदमे को सेटल किया था, हालांकि उन्होंने आरोपों को कभी स्वीकार नहीं किया। पिछले साल एपस्टीन फाइल्स के और दस्तावेज सामने आने के बाद किंग चार्ल्स ने अक्टूबर में राजशाही की छवि को बचाने के लिए कड़ा कदम उठाया। उन्होंने प्रिंस एंड्रयू से ‘प्रिंस’ की उपाधि छीन ली और रॉयल लॉज खाली कराने का फैसला किया। किंग चार्ल्स ने साफ कहा कि उनकी संवेदनाएं यौन शोषण पीड़ितों के साथ हैं।