नई दिल्ली। कांग्रेस की वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) सोमवार को संसद में फिलिस्तीन (Palestine) लिखा बैग लेकर पहुंची थीं। इसे लेकर उनकी भाजपा (BJP) सांसदों ने आलोचना की थी और कहा था कि वह मुस्लिम तुष्टीकरण में जुटी हैं। लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा को लेकर वह चुप रहती हैं। माना जा रहा था कि प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) इस बैग से घिर सकती हैं और इसकी तारीफ पाकिस्तान तक में हुई तो भाजपा और हमलावर हुई थी। लेकिन अब प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने खुद ही बैग का जवाब बैग से दिया है। आज वह एक ऐसा बैग लेकर संसद पहुंचीं, जिसमें लिखा था- ‘बांग्लादेश के हिंदुओं और ईसाइयों के साथ खड़े हों।’
पढ़ें :- Padma Awards 2026 : 131 हस्तियों को मिला पद्म सम्मान, जानें लिस्ट में हैं और कौन-कौन नाम?
Video- प्रियंका गांधी ने बैग का जवाब बैग से दिया, अब बांग्लादेश के हिंदुओं और ईसाईयों की रक्षा के लिए उठाया झोला#PriyankaGandhi #BangladeshHindus #HindusUnderAttackInBangladesh #HindusAreNotSafeInBangladesh #hindustanconstructioncompany pic.twitter.com/PNz0qlm80W
— santosh singh (@SantoshGaharwar) December 17, 2024
इस बैग को लेकर माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) और कांग्रेस ने भाजपा (BJP) का जवाब देने की कोशिश की है। भाजपा लगातार आरोप लगाती रही है कि कांग्रेस मुस्लिम तुष्टीकरण (Congress Muslim Appeasement) करती है, जबकि हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार पर वह चुप रहती है। विपक्ष के सांसदों ने परिसर के बाहर मंगलवार को प्रदर्शन किया। इन सांसदों ने सरकार से मांग की कि वे पड़ोसी मुल्क में हिंदुओं और ईसाइयों (Hindus and Christians) के खिलाफ किए जा रहे अत्याचारों को लेकर कदम उठाएं। इन लोगों ने बांग्लादेश (Bangladesh) के हिंदुओं का साथ दें लिखी तख्यियां हाथों में ले रखे थे और वह सरकार से ऐक्शन की मांग को लेकर नारे लगा रहे थे।
पढ़ें :- डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के विमान का एक इंजन बंद, उठने लगा धुआं, जानें फिर क्या हुआ?
प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के अलावा कांग्रेस कई सांसद ‘बांग्लादेश के हिंदुओं और ईसाइयों (Hindus and Christians) के साथ खड़े हों’ लिखे बैग लेकर आए थे। माना जा रहा है कि तुष्टीकरण के आरोप का जवाब देने के लिए प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) और कांग्रेस ने यह सवाल उठाया है। खासतौर पर मुस्लिमों और फिलिस्तीन (Palestine) का ही मुद्दा उठाने पर उन्हें घेरा जा रहा था। ऐसी स्थिति में कांग्रेस का यह कदम संदेश देने के लिए है कि हम सभी के साथ हैं और कोई भेदभाव की राजनीति नहीं करते। यदि कांग्रेस फिलिस्तीन (Palestine) का मुद्दा उठाती है तो वह बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार का भी मुद्दा मसला उठाती है।