अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर सवार परेशान नौसैनिकों जहाज से समुद्र में कूदने की कोशिश की। सैन्य परिवारों और अमेरिकी सांसदों ने चेतावनी दी है कि हालात अब बर्दाश्त से बाहर हो रहे हैं। खबरों के मुताबिक, अमेरिका मिडिल ईस्ट में एक नया Aircraft carrier भेज रहा है।
USS Abraham Lincoln : अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर सवार परेशान नौसैनिकों जहाज से समुद्र में कूदने की कोशिश की। सैन्य परिवारों और अमेरिकी सांसदों ने चेतावनी दी है कि हालात अब बर्दाश्त से बाहर हो रहे हैं।
खबरों के मुताबिक, अमेरिका मिडिल ईस्ट में एक नया Aircraft carrier भेज रहा है। यह कदम USS अब्राहम लिंकन से जुड़े विवाद के बीच उठाया जा रहा है, जो ईरान के साथ चल रहे तनाव के कारण अभी वहां तैनात है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, USS जॉर्ज वॉशिंगटन, USS अब्राहम लिंकन की जगह लेगा, जिसे 250 से ज़्यादा दिनों से तैनात किया गया है।
नाविकों ने की थी आत्महत्या की कोशिश?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जहां नाविकों ने समुद्र में कूदने का विचार किया या कोशिश की। कम से कम एक क्रू मेंबर को दूसरे नाविक ने ऐसा करने से रोका था। अब उन नाविकों के परिवारों ने भी जहाज पर मौजूद लोगों में आत्महत्या के विचारों को लेकर चिंता जताई है। डेमोक्रेटिक सांसद माइक लेविन ने जहाज पर तैनात नौसैनिकों की स्थिति का वर्णन करते हुए कहा था कि फफूंद वाले शावर, टूटे शौचालय, हफ्तों से बंद लॉन्ड्री, लंबे समय तक गर्म पानी का ना होना और भोजन के नाम पर सिर्फ आधा कप चावल और दो टॉर्टिला। उन्हें न साबुन, न डियोड्रेंट, और न ही टूथपेस्ट उपलब्ध है।
USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर, जिसे मूल रूप से 21 नवंबर को सैन डिएगो से भेजा गया था, इस साल जनवरी में मिडिल ईस्ट पहुँचा था। यह ईरान पर 28 फरवरी को हुए US-इजराइल हमले से ठीक पहले वहाँ पहुँचा था।
तब से लिंकन ईरान के खिलाफ US की लड़ाई में मदद कर रहा है। WSJ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कैरियर और इस पर मौजूद एयरक्राफ्ट US के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ बॉम्बिंग कैंपेन में बहुत अहम साबित हुए हैं और इस जहाज ने ईरानी बंदरगाहों की US नाकेबंदी में भी हिस्सा लिया है।
द गार्जियन के अनुसार, एक नौसेना अधिकारी ने कहा कि कमांड के पास उपलब्ध जानकारी के आधार पर, हमने जहाज पर आत्महत्या के विचारों या आत्महत्या के प्रयासों में कोई वृद्धि नहीं देखी है। अधिकारी ने कहा कि नाविकों के स्वास्थ्य और भलाई को प्राथमिकता दी जाती है। नौसेना ने यह भी कहा कि जहाज पर स्वच्छ पानी, काम करने वाले एसी और स्वस्थ भोजन के विकल्प भी पहुंचाए जा रहे हैं। हालांकि अमेरिका ने इस दावे को खारिज किया है।