केशव मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, कांग्रेस की सर्वेसर्वा सोनिया गांधी अपने बेटे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निरंतर अमर्यादित आचरण पर क्या सोचती होंगी? राहुल गांधी जिस संवैधानिक पद पर विराजमान हैं, उसका दायित्व उनसे गंभीरता, संयम और शालीनता की अपेक्षा करता है। इसके विपरीत उनका हालिया व्यवहार राजनीतिक हताशा, निराशा और गहरी कुंठा से लबालब है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की राजनीति निरंतर निम्नस्तरीयता और वैचारिक दिवालियेपन की ओर बढ़ रही है। इसमें कोई संशय नहीं है। अपनी सीमा समझना बुद्धिमानी है।
केशव मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, कांग्रेस की सर्वेसर्वा सोनिया गांधी अपने बेटे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निरंतर अमर्यादित आचरण पर क्या सोचती होंगी? राहुल गांधी जिस संवैधानिक पद पर विराजमान हैं, उसका दायित्व उनसे गंभीरता, संयम और शालीनता की अपेक्षा करता है। इसके विपरीत उनका हालिया व्यवहार राजनीतिक हताशा, निराशा और गहरी कुंठा से लबालब है।
कांग्रेस की सर्वेसर्वा श्रीमती सोनिया गांधी अपने बेटे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी के निरंतर अमर्यादित आचरण पर क्या सोचती होंगी? श्री राहुल गांधी जिस संवैधानिक पद पर विराजमान हैं, उसका दायित्व उनसे गंभीरता, संयम और शालीनता की अपेक्षा करता है। इसके विपरीत उनका…
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) August 14, 2026
उन्होंने आगे लिखा, राहुल गांधी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर आए दिन इसलिए विफरते रहते हैं, क्योंकि इस राष्ट्रवादी भट्टी में तपकर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी समेत अनेक नेता आज देश और विभिन्न राज्यों में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। देश को आज़ादी दिलाने का अहंकार पालने वाली कांग्रेस और गांधी परिवार आज हाशिए पर हैं।
डिप्टी सीएम ने आगे लिखा, रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में अपनी ‘नानी के देश’ की प्रधानमंत्री पर ओछी टिप्पणी पर राहुल जी का दांत निपोरना बताता है कि उनकी नज़र में महिला सम्मान की कोई क़ीमत नहीं है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की राजनीति निरंतर निम्नस्तरीयता और वैचारिक दिवालियेपन की ओर बढ़ रही है। इसमें कोई संशय नहीं है। अपनी सीमा समझना बुद्धिमानी है, लेकिन अपनी सीमा के इतर जाकर बार-बार मसखरी कर दूसरे को नीचा दिखाने का दूसरा नाम राहुल गांधी है।