नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य राजीव शुक्ला ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में शुक्रवार को भाजपा और आरएसएस को घेरते हुए कहा कि राम मंदिर में चंदे और चढ़ावे की भयानक लूट हुई है। भगवान श्री राम की आस्था के चलते देश के गांवों से, गरीब लोगों से चंदा इकट्ठा किया गया था, जिसे लूट लिया गया। लेकिन जब FIR हुई तो उसमें छोटे कर्मचारियों का नाम डाल दिया गया। सवाल है। बड़े-बड़े लोगों की मिलीभगत के बिना क्या कोई छोटा कर्मचारी CCTV बंद कर हजारों करोड़ का चंदा चोरी कर सकता है?
पढ़ें :- अयोध्या राम मंदिर के CEO पद के लिए पहले दिन आठ पूर्व अफसरों ने दिया इंटरव्यू, जानें नियुक्ति प्रकिया के बारे में
LIVE: Congress party briefing by Shri @ShuklaRajiv at AICC Office, New Delhi https://t.co/KVHCmZzYDV
— Congress (@INCIndia) June 26, 2026
राजीव शुक्ला ने कहा कि पिछले चुनाव में BJP ने नारा दिया था- जो राम को लाए हैं, उन्हें सत्ता में लाइए। अब जिन्होंने भगवान राम के नाम पर लूट की है, उनकी क्या सजा होनी चाहिए? राम मंदिर में जहां नकद चढ़ावे को कम कर दिखा दिया जाता था, वहीं महिलाओं द्वारा चढ़ाए गए आभूषणों का कोई रिकॉर्ड ही नहीं बनाया गया। BJP-RSS ने लोगों की आस्था को धोखा दिया है।
पढ़ें :- पंजाब के ड्रग संकट पर सियासी संग्राम, हरभजन सिंह के वीडियो पर मंत्री बलजीत कौर का पलटवार
उन्होंने कहा कि BJP में मंदिर प्रकोष्ठ बनाया गया है। ऐसा कभी नहीं सुना गया कि किसी पार्टी में ऐसा कोई प्रकोष्ठ बना हो। यानी- BJP योजनाबद्ध तरीके से मंदिर के ट्रस्टों पर कब्ज़ा कर रही है। इनकी मंशा ये रहती है कि पहले ट्रस्ट में अपने लोगों को बैठाओ, फिर चंदे और चढ़ावे को हड़पकर उसका राजनीतिक इस्तेमाल करो।
हमारी मांग कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इस मामले की जांच हो। प्रधानमंत्री मोदी हस्तक्षेप कर सख्त कार्रवाई करें । राम मंदिर ट्रस्ट को भंग किया जाए और राजनीतिक लोगों को हटाकर, ट्रस्ट में साधु-संतों और धार्मिक लोगों को शामिल किया जाए।