लखनऊ। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण (Ram Mandir Donation Theft Case) को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने एक बार फिर भाजपा और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने X पर लिखा कि ‘केवल इस्तीफे लेकर मामले को दबाया नहीं जा सकता, बल्कि पूरे ट्रस्ट को भंग कर न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) कराई जानी चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि आरोपियों का जिस तरह पुलिस के तरफ से स्वागत किया गया, उससे कई सवाल खड़े होते हैं।
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उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में ड्राइवर जिम्मेदार हो सकता है तो मालिक की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिसका नाम अंतरिम रिपोर्ट में नहीं था, वह अंतिम रिपोर्ट में कैसे आ सकता है? साथ ही कहा कि जिस व्यक्ति पर पूरा ठीकरा फोड़ा गया, वह रिपोर्ट के अनुसार उतना दोषी भी नहीं दिख रहा है। यह 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास का विषय है। आपस में ‘निष्कलंक’ होने की क्लीन चिट देने का खेल बंद हो।
सपा प्रमुख ने कहा कि भ्रष्ट लोगों का काला सच सामने आ चुका है। ड्राइवर फंसता तो मालिक भी फंसता है। दोषियों की भविष्य की गतिविधियों और आवागमन पर निगाह रखी जाए। सज़ा सिर्फ़ घोड़े या लगाम को नहीं, कोचवान को भी मिलनी चाहिए। जिम्मेदारी सिर्फ़ उसकी नहीं जिसको दी गई, बल्कि जिसने जिम्मेदारी दी उसकी भी तय होनी चाहिए। जनता ने भाजपाइयों की नाकाबंदी कर दी है। जो लोग दूर से बैठकर आरोप लगा रहे हैं, लगता है उनकी भी इस महाकांड में हिस्सेदारी है। उनकी आमदनी की नहर बंद हो गई है, इसीलिए छटपटा रहे हैं । सिर्फ़ खाँचा नहीं, पूरा ढांचा बदलना चाहिए।
विश्वभर के आहत हुए सनातनियों एवं सच्चे मीडिया के संज्ञानार्थ :
– ये कैसी पाबंदी है कि आरोपियों का स्वागत पुलिस दरवाज़ा खोलके कर रही है।
– ड्राइवर फँसता तो मालिक भी फँसता।
– जिसका नाम अंतरिम रिपोर्ट में नहीं है, उसका अंतिम में कैसे होगा।
– जिसके ऊपर फोड़ा ‘ठीकरा’, वो तो…पढ़ें :- आईआईएलएम एकेडमी लखनऊ कैंपस में ब्लड डोनेशन ड्राइव का सफलतापूर्वक आयोजन, स्टूडेंट्स, फैकल्टी और स्टाफ ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 9, 2026
इस्तीफा बच निकलने का नहीं बनना चाहिए रास्ता
सपा प्रमुख ने कहा कि केवल नीचे के कर्मचारियों पर कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। जिम्मेदारी उन लोगों की भी तय होनी चाहिए जिन्होंने उन्हें जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने मांग की कि इस्तीफा देने वाले लोगों के हस्ताक्षर से हुए सभी भू-सौदों और अन्य निर्णयों की न्यायिक जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि इस्तीफा किसी के लिए बच निकलने का रास्ता नहीं बनना चाहिए।
अखिलेश यादव ने दोषियों की भविष्य की गतिविधियों और विदेश यात्रा पर भी निगरानी रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मामला 140 करोड़ भारतीयों की आस्था से जुड़ा है, इसलिए किसी भी तरह की लीपापोती स्वीकार नहीं की जा सकती। साथ ही उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पार्टी में भगदड़ मची हुई है और कई लोग दूसरी पार्टियों में आने के लिए संपर्क कर रहे हैं।