Rama Ekadashi 2024: रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रमा एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के सभी पाप समाप्त हो जाते हैं और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। जातक को सभी सांसारिक दुखों से छुटकारा मिलता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
पढ़ें :- shravani parv 2026 : श्रावणी उपाकर्म 'ज्ञान का पर्व', हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है
कब है रमा एकादशी 2024
रमा एकादशी 2024 में 27 अक्टूबर को सुबह 5:23 पर शुरू होगी और इसका समापन 28 अक्टूबर को सुबह 10:31 पर शुरू होगा। जैसा की वैदिक पंचांग में बताया गया है, हर त्यौहार उदया तिथि के अनुसार मनाया जाता है। इसलिए रमा एकादशी का व्रत भी 28 अक्टूबर 2024 को रखा जाएगा। इस दिन भक्तजन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करते हैं जिससे उन्हें पुण्य की प्राप्ति होती है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग मिलता है।
रमा एकादशी की पूजा
पूजा के लिए दीपक, अगरबत्ती, फूल, फल, तुलसी दल, चंदन, रोली और मिठाई जैसी सामग्री इकट्ठी कर लें। फिर भगवान विष्णु के मत्रों का जवाब करें और व्रत का संकल्प लें, अपनी मनोकामना व्यक्त करें। पूरे दिन केवल फल और पानी का सेवन करें।
रमा एकादशी की पूजा के दौरान भगवान विष्णु को उनके पसंदीदा फल और मिठाई का भोग लगाना चाहिए। इसके साथ-साथ भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल का प्रयोग जरूर करना चाहिए। भगवान विष्णु की पूजा में पंचामृत बनाकर अर्पित करना चाहिए। इस दिन तुलसी की पूजा करके उसके नीचे घी का दीपक जलाना चाहिए। इससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन पूजा-पाठ और कीर्तन करना चाहिए। भगवान विष्णु की पूजा के बाद जातक को विष्णु चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए।