मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) ने गुरुवार को यूक्रेन युद्ध (Ukraine War) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन (Russia-Ukraine) के बीच शांति वार्ता (Peace Talks) के लिए भारत, चीन और ब्राजील मध्यस्थता कर सकते हैं।
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गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान पुतिन ने कहा रूस और यूक्रेन की जंग (Russia-Ukraine War) शुरू होने के एक हफ्ते बाद ही इस्तांबुल में हुई बातचीत में जंग को लेकर एक प्राथमिक समझौते पर सहमति बनी थी, लेकिन इस समझौते को कभी लागू नहीं किया गया। अब अगर फिर से मध्यस्थता की बातचीत शुरू होती है तो इस्तांबुल में हुआ प्राथमिक समझौता इस बातचीत का आधार बन सकता है।
पुतिन ने ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम में कहा कि हालांकि, हमारा प्रमुख उद्देश्य यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र को कब्जे में लेना है। रूसी सेना धीरे-धीरे कुर्स्क से यूक्रेनी सेना को पीछे खदेड़ रही है। बता दें कि पुतिन का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में युद्धग्रस्त यूक्रेन और इससे पहले रूस का दौरा किया था। पीएम मोदी की ये दोनों यात्राएं काफी महत्वपूर्ण थीं और वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय थी।
लगातार भारत कर रहा है शांति की अपील
भारत लगातार रूस और यूक्रेन युद्ध को रोककर शांति की अपील कर रहा है। भारत लगातार इस मामले को जल्द से जल्द शांत करवाने का पक्षधर है. उन्होंने यूक्रेन दौरे पर जेलेंस्की को ऑफर भी दिया था कि शांति की कोशिश में भारत सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार हैं। उन्होंने जेलेंस्की से कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि शांति के हर प्रयास में भारत अपनी सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है।