वाराणसी। भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते (India-US Interim Trade Agreement) पर AAP सांसद संजय सिंह (AAP MP Sanjay Singh) ने कहा कि अमेरिका ने हमेशा आपके साथ धोखा किया है और रूस ने उस समय आपका साथ दिया है। अमेरिकी और भारतीय वित्त मंत्रियों ने एक जॉइंट स्टेटमेंट पर कहा कि उन्होंने किसानों के हितों की नीलामी कर दी है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक है, लेकिन आप इसे अमेरिका से खरीदेंगे? हमें पता लगाना होगा कि इससे किन व्यापारियों को फायदा हो रहा है?
पढ़ें :- शिवा शर्मा और श्रद्धा दूबे की चैट वायरल, फरार मॉडल ने लिखा था- तुम्हारे साथ बुरा ही होगा
मोदी ने देश से झूठ बोला, करोड़ों किसानों के साथ धोखा किया। अमेरिका के लिए 0% टैक्स पर भारत का कृषि बाज़ार खोल दिया। उनके सस्ते अनाज और फल देश के बाज़ार में बिकेंगे और हमारा किसान बर्बाद हो जाएगा। भारत रूस से सस्ता तेल लेने के बजाय अमेरिका से महंगा तेल लेगा, जिसका खामियाजा देश की… pic.twitter.com/20NrganTIw
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) February 7, 2026
भारत के किसान कैसे मुकाबला करेंगे? जबकि हर अमेरिकी किसान को सालाना लाखों की मिलती है सब्सिडी
पढ़ें :- UP Panchayat Elections 2026 : इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, तीन माह में कराए यूपी पंचायत चुनाव
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते (India-US Interim Trade Agreement) पर AAP सांसद संजय सिंह (AAP MP Sanjay Singh) ने कहा कि पीएम मोदी की सरकार ने इस देश के करोड़ों किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। आज जारी किए गए जॉइंट स्टेटमेंट में साफ तौर पर कहा गया है कि सभी कृषि उत्पादों को अमेरिकी बाज़ार के लिए खोल दिया गया है। किसान कैसे मुकाबला करेंगे? हर अमेरिकी किसान को सालाना लाखों की सब्सिडी मिलती है। दूसरा, आपने रूस से तेल खरीदना लगभग बंद कर दिया है। यह समझौता देश के साथ धोखा है। आपने इस दबाव में देश को बेच दिया है कि पीएम मोदी का नाम एपस्टीन फाइलों में आया था।
मोदी ने देश से झूठ बोला, करोड़ों किसानों के साथ धोखा किया
सांसद संजय सिंह ने कहा कि मोदी ने देश से झूठ बोला, करोड़ों किसानों के साथ धोखा किया। अमेरिका के लिए 0% टैक्स पर भारत का कृषि बाज़ार खोल दिया। उनके सस्ते अनाज और फल देश के बाज़ार में बिकेंगे और हमारा किसान बर्बाद हो जाएगा। भारत रूस से सस्ता तेल लेने के बजाय अमेरिका से महंगा तेल लेगा, जिसका खामियाजा देश की जनता को भुगतना पड़ेगा और 80,000 करोड़ का भार देश के आम लोगों पर पड़ेगा। एपस्टीन फाइलों (Epstein Files) में मोदी का नाम और अडानी को अमेरिका से मिले सम्मन के कारण मोदी ने देश के हितों को नीलाम कर दिया।