नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का कहना है कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) के खिलाफ अपनी बेटी की शादी से जुड़े मामले में आपराधिक कार्रवाई नहीं होगी।
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SC ने लगाई इलाहाबाद HC के फैसले पर रोक
खुद को संघमित्रा का पति बताने वाले दीपक कुमार स्वर्णकार की ओर दायर याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ बेंच ने स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ स्वामी प्रसाद मौर्य ने शीर्ष अदालत का रुख किया था। संघमित्रा मौर्य (Sanghmitra Maurya) से जुड़े वैवाहिक विवाद में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) के फैसले पर रोक लगा दी है।
इलाहाबाद HC ने दिया था ये आदेश
जस्टिस एमएम सुंदरेश और अरविंद कुमार की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) के फैसले के खिलाफ यूपी सरकार को नोटिस भी जारी किया। दीपक की ओर दायर याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ बेंच ने स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने का आदेश दिया था।
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जानें क्या है पूरा मामला?
इससे पहले विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट (Special MP-MLA Court) ने स्वामी प्रसाद और संघमित्रा को एक युवक के शोषण व धमकी देने के मामले में फरार घोषित किया था। साथ ही गैर जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी किया था। दीपक ने आरोप लगाया था कि उन्होंने 3 जनवरी 2019 को संघमित्रा से शादी की थी। बाद में संघमित्रा का मई, 2021 में तलाक हुआ था। जब वादी ने 2021 में विवाह करने के लिए कहा तो आरोपित स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने उन पर जानलेवा हमला कराया।